...तो दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार हो सकती है, केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को किया सतर्क
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में बीजेपी पर जमकर हमला बोला। साथ ही आगाह किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार हो सकती है। आरोप लगाया कि भाजपा उनके कामों को रोकने के लिए सत्ता हासिल करना चाहती है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में बीजेपी पर जमकर हमला बोला। साथ ही आगाह किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनके कामों को रोकने के लिए सत्ता हासिल करना चाहती है।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि भाजपा लोगों के लिए काम करने के लिए नहीं, बल्कि आप सरकार की योजनाओं को रोकने के लिए दिल्ली की सत्ता में आना चाहती है। पीतमपुरा में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में केजरीवाल ने उन्हें अंदरूनी कलह के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इससे दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार हो सकती है।
केजरीवाल ने कहा कि आप लोग इसकी परवाह मत कीजिए कि चुनाव में कौन लड़ रहा है। केजरीवाल इन सभी 70 सीटों पर लड़ेंगे। मैं आपका काम करवाऊंगा, चाहे कोई भी विधायक चुना जाए। कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो बिजली, पानी, महिलाओं के लिए बस यात्रा, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा समेत सभी मुफ्त योजनाएं बंद कर देगी। केजरीवाल ने दावा किया, "मेरी चिंता यह नहीं है कि आप सत्ता में नहीं आएगी। मुझे चिंता है कि अगर आप नहीं जीती तो सरकारी स्कूलों का क्या होगा। बिजली और पानी की दरें बढ़ जाएंगी।"
उन्होंने कहा कि जब वह जेल में थे तो सड़क मरम्मत, वृद्धावस्था पेंशन, अस्पतालों में मुफ्त दवाएं, दुर्घटना पीड़ितों के मुफ्त इलाज के लिए फरिश्ते योजना और आरक्षित वर्ग की योजनाओं के लिए मुफ्त कोचिंग जैसे काम बंद कर दिए गए थे। ये सभी अब फिर से शुरू किए जा रहे हैं। फरिश्ते और मुफ्त कोचिंग योजनाएं पहले ही फिर से शुरू की जा चुकी हैं।
आप संयोजक ने दावा किया कि भाजपा की 22 राज्यों में सरकार है, जहां लोग अब मुफ्त बिजली, स्कूल और अस्पताल की मांग कर रहे हैं। इसलिए वे आप सरकार द्वारा दी गई योजनाओं को रोकने के लिए किसी भी कीमत पर दिल्ली में सत्ता में आना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली के लोगों की सेवा करने के लिए नहीं बल्कि उनके कामों को रोकने के लिए सत्ता हासिल करना चाहती है।
केजरीवाल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से जुड़ने में पार्टी के वार्ड प्रभारियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रत्येक मंडल इकाई प्रभारी पांच बूथों और प्रत्येक बूथ के लिए 11 कार्यकर्ताओं की टीमों की निगरानी करेगा। उन्होंने आप कार्यकर्ताओं से पार्टी को विधानसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए अगले तीन-चार महीनों के लिए अपनी नौकरी और अन्य काम से छुट्टी लेने के लिए तैयार रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि आप की स्थापना देश के लिए हुई थी, सत्ता के लिए नहीं। अगर भगत सिंह, अंबेडकर, गांधीजी और नेहरू ने पार्ट टाइम काम किया होता तो देश आज आजाद नहीं होता। कहा कि विधानसभा चुनाव दिल्ली को बचाने और लोगों के कल्याण की योजनाओं के लिए है।
वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप का भाग्य अब तय हो गया है। फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली से उसका सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों ने अराजकता में लिप्त आम आदमी पार्टी की भ्रष्ट सरकार को खारिज करने का मन बना लिया है। सचदेवा ने केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आप ने हाल के हरियाणा चुनावों में 90 सीटों पर ऐसे चुनाव लड़ा जैसे कि पूर्व मुख्यमंत्री उन सभी पर चुनाव लड़ रहे थे और सभी हार गए।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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