कश्मीरी गेट ISBT से चलने वाली अंतरराज्यीय बसों को मिल सकते हैं नए रूट, एक कदम से होंगे ये 3 फायदे

Feb 19, 2026 07:48 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, आशीष गुप्ता
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राजधानी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर जाम की समस्या को कम करने के लिए कश्मीरी गेट आईएसबीटी व उत्तर भारत के राज्यों के बीच चलने वाली अंतरराज्यीय बसों को नया रूट मिल सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अध्ययन कर परिवहन आयुक्त को इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजा है।

कश्मीरी गेट ISBT से चलने वाली अंतरराज्यीय बसों को मिल सकते हैं नए रूट, एक कदम से होंगे ये 3 फायदे

राजधानी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर जाम की समस्या को कम करने के लिए कश्मीरी गेट आईएसबीटी व उत्तर भारत के राज्यों के बीच चलने वाली अंतरराज्यीय बसों को नया रूट मिल सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अध्ययन कर परिवहन आयुक्त को इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजा है।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि आउटर रिंग रोड वाला रूट खत्म कर इन बसों का आना-जाना दिल्ली-देहरादून हाईवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से कराया जाए। इस एक कदम से दोहरा फायदा होगा। एक तरफ आउटर रिंग रोड से बसें हटने से उस पर दबाव कम होने के कारण जाम की समस्या में कमी आएगी, दूसरा बस यात्रियों के सफर का समय घटेगा। वहीं इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।

काफी बसें अभी कश्मीरी गेट आ रही : अभी जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से सरकारी व गैर सरकारी 2500 से ज्यादा बसें कश्मीरी गेट आईएसबीटी आती हैं। फिर यहां से लौटती हैं। इनका मौजूदा रूट कश्मीरी गेट आईएसबीटी, चंदगीराम अखाड़ा, मजनूं का टीला, वजीराबाद फ्लाईओवर के रास्ते आउटर रिंग रोड के अन्य हिस्सों से होते हुए एनएच-एक, सोनीपत होकर संबंधित राज्यों तक है। अधिक संख्या में बसों के होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम का सामना करना पड़ता है।

आउटर रिंग रोड पर जाम कम करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने किया अध्ययन

सड़क के बीच यात्रियों को चढ़ाने से परेशानी बढ़ी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अध्ययन में पाया कि इन बसों के आने-जाने से आउटर रिंग रोड पर जाम में इजाफा होता है। इस रूट से आने-जाने में बसें करीब-करीब 1.40 घंटे तक राजधानी की सड़कों पर रहती हैं। कई स्थानों पर बसें यात्रियों को बिना ठहराव के बीच में रुक कर चढ़ाती व उतारती हैं। इससे उन स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है। इससे बस यात्रियों की यात्रा भी लंबी होती है। इसके अलावा बस के पीछे से आ रहे वाहनों को ब्रेक लगाने पर मजबूर होना पड़ता है। कई बार इस कारण जाम की स्थिति का भी सामना करना पड़ता है।

युद्धिष्ठिर रोड से जीटी रोड पर बसों को भेजेंगे

ट्रैफिक पुलिस ने दूसरी तरफ पाया कि कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास युद्धिष्ठिर ब्रिज से बसों को जीटी रोड पर शास्त्री पार्क की तरफ मोड़ दिया जाए और शास्त्री पार्क पर लूप से इन्हें दिल्ली-देहरादून हाईवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई), एनएच-एक, सोनीपत के रास्ते उत्तर भारत के राज्यों के लिए नया रूट बना दिया जाए तो आउटर रिंग पर दबाव कम किया जा सकता है। इस रूट पर सिर्फ 30 मिनट में लोनी बॉर्डर पार करते ही बसें दिल्ली की सीमा से बाहर निकल जाती हैं। वहीं 1.15 घंटे में सोनीपत तक पहुंच जाती है।

सफर का समय घटेगा

● बस रूट छोटा होने से यात्रियों के सफर का समय घटेगा

● वाहनों का दबाव कम होने से जाम में कमी आएगी

● जाम में कमी आने से प्रदूषण भी कम होगा

निशांत गुप्ता, डीसीपी (ट्रैफिक), सेंट्रल रेंज, ''भौतिक निरीक्षण में नया रूट ज्यादा उपयुक्त पाया गया है। उत्तर भारत के राज्यों की सभी सरकारी और निजी बसों का परिचालन नए रूट से कराने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इस कदम से जाम से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी।''

अतुल रंजीत कुमार, यातायात विशेषज्ञ, ''अंतरराज्यीय बसों के लिए प्रस्तावित नए रूट से वाकई आउटर रिंग रोड पर दबाव कम होने से जाम की समस्या कम होगी। कुछ ही वक्त में बसें दिल्ली के बाहर हो जाएंगी। इससे राजधानी के लोगों को काफी हद तक सहूलियत होगी।''

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें