यह चोरों के गैंग में माल के बंटवारे की लड़ाई, राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने पर कपिल मिश्रा
राज्यसभा में राघव चड्ढा को उप-नेता के पद से हटाए जाने पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह चोरों के गैंग में माल के बंटवारे की लड़ाई है। अगर किसी के मुंह में जबान है और पीठ में रीढ़ की हड्डी है तो वह अरविंद केजरीवाल की पार्टी में टिक नहीं सकता।

राज्यसभा में राघव चड्ढा को उप-नेता के पद से हटाए जाने पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह चोरों के गैंग में माल के बंटवारे की लड़ाई है। अगर किसी के मुंह में जबान है और पीठ में रीढ़ की हड्डी है तो वह अरविंद केजरीवाल की पार्टी में ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकता।
आप सांसद राघव चड्ढा के मामले में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली को लूटा गया है, पंजाब को लूटा गया है और अब पैसे के बंटवारे को लेकर चोरों के इस गिरोह में आपस में ही लड़ाई छिड़ गई है।
वहां सिर्फ वही लोग टिक सकते हैं…
भाजपा नेता ने कहा कि अगर किसी के मुंह में जबान है और पीठ में रीढ़ की हड्डी है तो वह अरविंद केजरीवाल की पार्टी में ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकता। वहां सिर्फ वही लोग टिक सकते हैं जिनकी कोई रीढ़विहीन है। जो भ्रष्ट हैं, जो कमीशन एजेंट हैं। यानी ऐसे लोग जिनका अपना कोई अस्तित्व नहीं है और जो सिर्फ कमीशन लेने और जनता को लूटने का काम करते हैं। वही लोग वहां रह सकते हैं। जिनके पास जरा भी आत्मा है, सत्य है, वह वहां नहीं टिक सकता।
पार्टी का अंदरूनी फैसला
वहीं, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि किसी को नेता या उप-नेता नियुक्त करना किसी भी पार्टी का अंदरूनी फैसला होता है। आप ने भी ऐसा ही किया है। लेकिन, जिस तरह से राज्यसभा सचिवालय को यह लिखा गया है कि राघव चड्ढा को बोलने की अनुमति न दी जाए, वह बेहद आपत्तिजनक है।
केजरीवाल कायर और कमजोर इंसान
सचदेवा ने कहा कि एक सांसद के तौर पर यह किसी भी एमपी की जिम्मेदारी होती है कि वह क्षेत्रीय मुद्दों या समाज के हित से जुड़े मामलों पर अपनी आवाज उठाए और राघव चड्ढा समय-समय पर ऐसा करते रहे हैं। अरविंद केजरीवाल एक कायर और कमजोर इंसान हैं। वह विरोध बर्दाश्त नहीं कर सकते, चाहे वह बाहर से हो या उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर से। अब तक अरविंद केजरीवाल के स्वभाव को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि उन्हें सिर्फ कोई सामूहिक या संगठित गिरोह चलाना ही पसंद है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


