काम की बात: कालिंदी कुंज में यमुना के पास बनेगा नया भव्य छठ घाट, 100 करोड़ की आएगी लागत
दिल्ली में कालिंदी कुंज में यमुना किनारे एक नया भव्य छठ घाट बनाया जाएगा। इस पर 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह घाट यूपी के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से बनाया जाएगा, लेकिन इसकी लागत का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।

राजधानी दिल्ली में कालिंदी कुंज में यमुना किनारे 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य छठ घाट बनाया जाएगा। यह घाट यूपी के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से बनाया जाएगा, लेकिन इसकी लागत का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके साथ ही यमुना के बीच दिखने वाले झागों को खत्म किया जाएगा।
यमुना में कालिंदी कुंज के समीप साल भर झाग बना रहता है। कई बार इसे खत्म करने के प्रयास किए गए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने इस स्थान को एक भव्य छठ घाट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। बीते दिनों सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यहां का दौरा किया था। अधिकारियों के साथ उन्होंने न केवल इस समस्या को समझा बल्कि इसके समाधान को लेकर उपायों पर भी चर्चा की।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि छठ घाट बनाने के लिए यूपी सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग से बात हुई है, जिनके पास यह जमीन है। भव्य छठ घाट बनने से हजारों श्रद्धालु छठ के मौके पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
झाग खत्म करने के लिए ये कदम उठाए जाएंगे
1. धोबी घाट को स्थानांतरित करेंगे : यमुना किनारे बने धोबी घाट को स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे यमुना में कपड़ों का पानी और सर्फ न जाए। इसके लिए ड्यूसिब को नीति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2. डाई फैक्ट्रियों पर सख्ती की जाएगी : उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कुछ डाई की फैक्टरी हैं, जिनसे केमिकल यमुना में गिरता है। ऐसी फैक्ट्रियों को कई बार सील किया जाता है, लेकिन वह इसे तोड़कर दोबारा काम करने लगते हैं। अब इन पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है।
3. रुड़की आईआईटी इस पर अध्ययन करेगी : कालिंगी कुंज के समीप झाग बनने का एक बड़ा कारण वहां तेजी से नीचे गिरने वाला पानी है। इसलिए यहां पर ऐसा स्लोप बनाने की योजना है, जिससे पानी धीरे-धीरे गिरे और झाग न बने। आईआईटी रुड़की इसका अध्ययन कर स्लोप तैयार कराएगी।
गौरतलब है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी यह कह चुकी हैं उनकी सरकार पहले दिन से ही मां यमुना की स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प एक स्वच्छ, सुंदर और हरित दिल्ली का निर्माण करना है, जिसमें यमुना नदी की पुनर्स्थापना एक प्रमुख प्राथमिकता है। बता दें कि दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


