केजरीवाल पर ऐक्शन ले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने छोड़ा शराब घोटाले वाला केस, चौंकाने वाला फैसला क्यों

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी के आधा दर्जन नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस शुरू करने के बाद शराब घोटाले वाले केस से खुद को अलग कर लिया है।

केजरीवाल पर ऐक्शन ले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने छोड़ा शराब घोटाले वाला केस, चौंकाने वाला फैसला क्यों

दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी के आधा दर्जन नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस शुरू करने के बाद शराब घोटाले वाले केस से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले जस्टिस स्वर्ण कांता ने केजरीवाल की यह मांग खारिज कर दी थी, लेकिन अब अवमानना का मुकदमा शुरू होने की वजह से एक नियम का हवाला देकर जस्टिस शर्मा ने यह फैसला सुनाया।

अरविंद केजरीवाल को झटका देने के साथ ही अदालत ने पूर्व सीएम और आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की वह मुराद पूरी कर दी, जिसके लिए उन्होंने चीफ जस्टिस को लेटर लिखा और फिर रिक्यूजल याचिका दायर की। जस्टिस शर्मा ने कहा, ‘ये केस कोई और बेंच सुनेगी। क्योंकि कानून के मुताबिक जो जज अवमानना की कार्यवाही शुरू करता है वह मेन केस को नहीं सुन सकता है। रिक्यूजल अपनी जगह कायम है, लेकिन मैं इस केस को दूसरे कोर्ट में भेजूंगी।’

केजरीवाल के खिलाफ केस से निकला केस

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने फरवरी के अंत में आरोप मुक्त कर दिया था। अदालत ने जांच एजेंसी सीबीआई के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की थीं और जांच अधिकारी के खिलाफ ही जांच का आदेश दे दिया था। सीबीआई ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी तो यह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने सूचीबद्ध हुआ था। केजरीवाल ने यहां से एक नई जंग की शुरुआत कर दी थी, जिसको लेकर उनके खिलाफ अब नया केस शुरू हो गया है।

केजरीवाल ने क्या-क्या कोशिश की

केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय नहीं मिल पाने की आशंका जाहिर करते हुए पहले हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा, लेकिन जब इन्हेंने बेंच बदलने से इनकार कर दिया तो पूर्व सीएम ने अदालत में रिक्यूजल याचिका दायर की। इसके जरिए जज से यह मांग की जाती है कि खुद को केस से अलग कर लें। केजरीवाल ने अदालत में पेश होकर करीब 10 दलीलें रखीं। लेकिन जस्टिस शर्मा ने सभी को खारिज करते हुए केस की सुनवाई जारी रखने का फैसला सुनाया।

क्या आरोप लगाए गए जज पर

अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जज पर हितों के टकराव के आरोप लगाए। कहा गया कि जज के बच्चे सरकारी पैनल में हैं, सीबीआई के वकील को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए जस्टिस शर्मा सीबीआई के खिलाफ फैसला नहीं दे सकती हैं। जस्टिस शर्मा पर यह भी आरोप लगाया गया कि वह आरएसएस से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में जाती रही हैं इसलिए उनसे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

जज ने क्यों अब ऐक्शन लिया

केजरीवाल ने रिक्यूजल याचिका खारिज होने के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार कर दिया। अदालत ने उनके लिए न्याय मित्र की नियुक्ति की बात कही थी। इस बीच गुरुवार को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, विनय मिश्रा के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि न्यायापालिका पर हमले किए गए, गलत इरादे से सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया, उन्हें डराने की कोशिश की गई और मजाक उड़ाया गया। जस्टिस शर्मा ने कहा कि यदि इन चीजों को नहीं रोका गया तो अराजकता फैल जाएगी।

Sudhir Jha

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सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।


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