जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि 'RSS के प्रोग्राम में जाने से प्रमोशन' मिला? क्या सच है
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आम आदमी पार्टी के नेता बेहद आक्रामक हैं। अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज किए जाने के बाद एक बार फिर आप नेता उन पर पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं। इस बीच एक झूठा दावा भी कर दिया गया।

दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा इन दिनों आम आदमी पार्टी (आप) के निशाने पर हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका ठुकराए जाने के बाद उनकी पार्टी के अधिकतर नेता जस्टिस शर्मा पर बेहद आक्रामक हैं। जस्टिस शर्मा पर पक्षपात के आरोपों की बौछार करते हुए कुछ नेताओं ने ऐसा झूठा दावा कर दिया जिसकी पोल उनके ही वीडियो से खुल गई। एक पूर्व विधायक ने बाद में अपना पोस्ट डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका। 'आप' के कुछ नेता और सपोर्टर अब भी इसे शेयर कर रहे हैं।
दरअसल, आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक विनय मिश्रा उन नेताओं में शामिल हैं जो जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ आक्रामक मोर्चा खोले हुए हैं। अरविंद केजरीवाल और अन्य की याचिका खारिज किए जाने के बाद विनय मिश्रा ने जस्टिस स्वर्ण कांता की तस्वीरों के साथ यह तक लिख दिया कि उन्होंने राज्य सभा की सीट पक्की कर ली है। विनय मिश्रा यहीं नहीं रुके और एक कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें और वीडियो के साथ बड़ा दावा कर दिया जो कि झूठ निकला। उन्होंने कुछ पुराने वीडियो और फोटो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा खुद कह रही हैं कि जब-जब वह आरएसएस के प्रोग्राम में जाती हैं उनका प्रमोशन हो जाता है। हालांकि, कैप्शन और वीडियो में कही गई बात में अंतर पाए जाने पर एक्स यूजर्स ने विनय मिश्रा को गलती का अहसास दिलाया। बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर दिया।
और नेताओं ने भी किया इसे शेयर
खुद को आम आदमी पार्टी के रोहिणी जिला प्रमुख और आईटी सेल का सदस्य बताने वाले देवेश विश्वकर्मा ने भी ऐसा ही दावा किया। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता जी स्वयं स्वीकार कर रही हैं कि जब -जब वो RSS भाजपा के कार्यकर्मों में जाती हैं,उनका प्रमोशन हो जाता है। फिर भी मैडम जी निष्पक्ष हैं। फजीहत के बाद भी ,अरविंद केजरीवाल जी पर लगे फर्जी आरोपों की सुनवाई खुद करना चाहती हैं, कितना दबाव होगा?’
कहां का है वीडियो और क्या कहा था जस्टिस स्वर्ण कांता ने?
दरअसल, जिस वीडियो को शेयर किया जा रहा है वह 2024 का है। आप नेताओं की ओर से शेयर किए गए तस्वीरों में दिख रहा है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कार्यक्रम में शामिल हुईं थीं। कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि यह वीडियो डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की तरफ से आयोजित 'रेलिवेंस ऑफ न्यू क्रिमिनल लॉ इन चेंजिंग इंडिया' वर्कशॉफ का है। इसका आयोजन 19 मई 2024 को यह बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुईं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने प्रमोशन का जिक्र तो किया था लेकिन इसकी वजह कुछ और बताई थी।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा वायरल क्लिप में कहती हैं, ‘जब आपने उसके अगले साल मुझे आमंत्रित किया तो मैं एक स्टेप आगे फैमिली कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज थी। उसके अगले साल जब आपने मुझे आमंत्रित किया तो मैं डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज थी। और जब आज आपने मुझे आमंत्रित किया तो आपने मुझे, बाबा (काशी विश्वनाथ) ने मुझे हाई कोर्ट का जज बना दिया। धन्यवाद मुझे आपको कहना चाहिए कि आप मुझे यूं ही बुलाते रही और बाबा मुझे कुछ-कुछ बनाते रहें। प्रभु मेरी अर्जी है, मैं वो हो जाऊं जो तेरी मर्जी है।’
निष्कर्ष: यह वीडियो ना तो आरएसएस के कार्यक्रम का है और ना ही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह कहा कि आरएसएस के प्रोग्राम में जाने से उन्हें प्रमोशन मिला। उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ को इसका श्रेय दिया था।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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