
JNUSU Election 2025 : जेएनयू के छात्र आज चुनेंगे अपना नया अध्यक्ष, वोटिंग शुरू
JNUSU Election 2025 : दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आज छात्र संघ चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव व संयुक्त सचिव के लिए कुल 9043 छात्र मतदान में हिस्सा लेंगे।
JNUSU Election 2025 : दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आज छात्र संघ चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव व संयुक्त सचिव के लिए कुल 9043 छात्र मतदान में हिस्सा लेंगे। जेएनयू में इस बार भी स्कूल ऑफ लैंग्वेज, स्कूल ऑफ सोशल साइंस, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज सहित कुल 8 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां मंगलवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 2:30 बजे से 5:30 बजे तक मतदान आयोजित होगा।

इस बीच, जेएनयू छात्र संघ चुनाव समिति (2025–26) ने पहली बार एक आधिकारिक वेबसाइट www.jnusuec.org जारी की है, जिसके माध्यम से मतदाता लाइव नतीजे और सभी आधिकारिक सूचनाएं प्राप्त कर सकेंगे। चुनाव समिति के अध्यक्ष रविकांत ने बताया कि यह वेबसाइट पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
वाम संगठन इस बार एक साथ लड़ रहे हैं चुनाव
इस बार वाम संगठन आइसा, एसएफआई और डीएसएफ लंबे अंतराल के बाद एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उनके उम्मीदवार क्रमशः अध्यक्ष पद के लिए अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष के लिए कीझाकूट गोपिका बाबू, महासचिव के लिए सुनील यादव और संयुक्त सचिव के लिए दानिश अली हैं। एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर विकास पटेल, उपाध्यक्ष पद पर तान्या कुमारी, महासचिव पद पर राजेश्वर कांत दुबे और संयुक्त सचिव पद पर अनुज को उतारा है।
कैसी रही प्रेसिडेंशियल डिबेट
रविवार रात करीब 12 बजे से प्रेसिडेंशियल डिबेट शुरू हुई जो सवाल-जवाब सहित विभिन्न चरणों से गुजरती हुई सोमवार को दिन में समाप्त हुई। रातभर पूरा परिसर सियासी नारों से गूंज उठा और वातावरण चुनावी जोश में डूब गया। जेएनयू के खचाखच भरे झेलम लॉन में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के बीच वाद-विवाद हुआ, जहां छह उम्मीदवार मंच पर मौजूद थे और हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा था।
सबसे दिलचस्प मौका सवाल-जवाब का था। हर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी से दूसरा अध्यक्ष पद का प्रत्याशी सवाल कर रहा था। यह सवाल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, फीस बढ़ोतरी, फंड में कमी, कैंपस में सुविधाओं का अभाव व अन्य वैचारिक मुद्दों को लेकर था, जिसका जवाब उसे देना पड़ता था। कई बार एक प्रत्याशी के तीखे सवाल पर दूसरे प्रत्याशी असहज महसूस होते देखे गए। सोमवार को नो कैंपेन डे था। मंगलवार को मतदान के बाद छह नवंबर को मतगणना और परिणामों की घोषणा होगी।
मंच पर नियम पुस्तिका फाड़ी: एनएसयूआई के विकास ने दोनों धाराओं पर प्रहार करते हुए कहा वाम और दक्षिण दोनों ने जेएनयू के असली मुद्दों को दरकिनार किया है। पीएसए की शिंदे विजयलक्ष्मी वेंकट राव ने ‘चीफ प्रॉक्टर ऑफिस’ (सीपीओ) की नियम पुस्तिका की एक प्रति मंच पर फाड़ दी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दे उठे
इस बार वाम गठबंधन, एबीवीपी, एनएसयूआई, प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए), दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (डीएसओ), बाप्सा और स्वतंत्र उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रेसिडेंशियल डिबेट में अमेरिका, गाजा, इजराइल, फिलीस्तीन, असम में हिंसा, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, नक्सली हिंसा आदि मुद्दे उठे।





