नफरत की प्रयोगशाला बनने नहीं देंगे... आरोपी छात्रों पर क्या बोला जेएनयू प्रशासन; FIR दर्ज

Jan 06, 2026 11:26 pm ISTKrishna Bihari Singh पीटीआई, नई दिल्ली
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जेएनयू ने कहा है कि आपत्तिजनक नारेबाजी करने के आरोपी छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपी छात्रों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा। आरोपी छात्र निकाले जाएंगे या उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है।

नफरत की प्रयोगशाला बनने नहीं देंगे... आरोपी छात्रों पर क्या बोला जेएनयू प्रशासन; FIR दर्ज

JNU ने मंगलवार को कहा कि उन छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने जनवरी 2020 में कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए आयोजित विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। आरोपी छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। ऐसे कृत्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जानबूझकर अनादर दिखाते हैं। आरोपियों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा। आरोपी छात्र निकाले जाएंगे या उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है।

FIR दर्ज

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने मंगलवार को X पर अपने पोस्ट में कहा कि सोमवार को कैंपस में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी करने के आरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के संबंध में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है।

नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने दो-टूक कहा है कि विश्वविद्यालय को नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। इस घटना में शामिल आरोपी छात्रों को कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसमें तत्काल सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से बाहर किया जाना शामिल हो सकता है।

गैरकानूनी आचरण नहीं बर्दाश्त

यूनिवर्सिटी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी एक मौलिक अधिकार है लेकिन यूनिवर्सिटी को नफरत की जगह बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। यूनिवर्सिटी सीखने और इनोवेशन का केंद्र है। किसी भी तरह की हिंसा, गैरकानूनी आचरण या ऐसी गतिविधियां जो राष्ट्रीय एकता को कमजोर करती हैं, उन्हें कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

असहमति और नफरती भाषण में फर्क समझें

वहीं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऐसा कृत्य संवैधानिक संस्थाओं और सभ्य एवं लोकतांत्रिक संवाद के स्थापित मानदंडों के प्रति जानबूझकर अनादर को दिखाता है। छात्रों को असहमति, अपमानजनक टिप्पणी और नफरती भाषण के बीच के फर्क को समझना चाहिए।

थाना प्रभारी को लिखा था पत्र

इससे पहले जेएनयू प्रशासन की ओर से वसंत कुंज (उत्तर) के थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया था। इसमें बताया गया था कि JNUSU से जुड़े छात्रों ने रात करीब 10 बजे 'ए नाइट ऑफ रेजिस्टेंस विद गुरिल्ला ढाबा' कार्यक्रम आयोजित किया। ऐसा लगता है कि यह कार्यक्रम 5 जनवरी, 2020 की घटना की याद में आयोजित किया गया जिसमें लगभग 30 से 35 छात्र मौजूद थे। इसमें कुछ छात्रों भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाए।

मोदी और शाह के खिलाफ नारेबाजी

आरोप है कि सोमवार रात को JNU कैंपस में ‘ए नाइट ऑफ रेजिस्टेंस विद गुरिल्ला ढाबा’ कार्यक्रम में छात्रों के एक समूह ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। यह विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के कुछ घंटे बाद हुआ था। कार्यक्रम 5 जनवरी, 2020 की हिंसा की याद में आयोजित किया गया था, जिसमें नकाबपोश लोगों की भीड़ कैंपस में घुस गई थी और छात्रों और शिक्षकों पर लाठियों और रॉड से हमला किया था।

Krishna Bihari Singh

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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