दादी की डांट का बदला लेने के लिए पोते को मार डाला, हुक्का पिलाकर वारदात को अंजाम दिया
ग्रेटर नोएडा के जेवर में हुए 15 साल के गोपाल शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनमें से दो आरोपियों के पैर में गोली लगी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने गोपाल की दादी की डांट से नाराज होकर अपमान का बदला लेने के लिए वारदात की थी।

ग्रेटर नोएडा के जेवर में हुए गोपाल शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनमें से दो आरोपियों के पैर में गोली लगी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने गोपाल की दादी की डांट से नाराज होकर अपमान का बदला लेने के लिए वारदात की थी। पुलिस अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
गांव के ही एक मकान में मिला था शव
अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बनवारीवास गांव से 21 मई को 15 साल के किशोर गोपाल शर्मा के लापता होने की सूचना मिली थी। इस बीच 22 मई की रात किशोर का शव पड़ोस के रोही गांव में बने एक मकान के कमरे में पड़ा मिला था। इसके बाद से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जेवर कोतवाली पुलिस की टीम बुधवार को साबौता अंडरपास के नीचे जांच कर रही थी।
मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार
इस बीच पुलिस को एक बाइक पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो वे वापस मुड़कर भागने लगे। पुलिस के पीछा करने पर उन्होंने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से दो आरोपी घायल हो गए। उनकी पहचान नरेश निवासी ग्राम रोही और उमेश कुमार निवासी ग्राम मीरपुर थाना चिरैया चंपारण बिहार के रूप में हुई। तीसरे आरोपी मोहित निवासी ग्राम रोही को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया।
सिर दीवार में मार दिया था
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब एक माह पहले गोपाल की दादी ने उनके यहां आकर शिकायत की थी कि वे लोग उनके पोते गोपाल को हुक्का पिलाकर गलत संगत में डाल रहे हैं। इस बात को लेकर वे नाराज हो गए। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उन्होंने गोपाल की हत्या साजिश रची। घटना के दिन गोपाल उनके घर की तरफ आया था। उन्होंने उसे हुक्का में अधिक तंबाकू डालकर पिलाकर घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने गोपाल का सिर दीवार में मार दिया था। गोपाल की मौत होने पर वह मौके से भाग गए थे।
हुक्का चौपाल पर बुलडोजर कार्रवाई
ग्रामीणों के मुताबिक रोही गांव में आबादी दिखाकर जमीन बचाने के लिए अवैध निर्माण कर मकान बनाए जा रहे हैं। यहां एक अवैध मकान में बैठकर आरोपी हुक्का पीते थे। इस जगह को राजपूत बैठक नाम दिया गया था। यहां हुक्का चौपाल लगती थी। किशोर भी आरोपियों के पास हुक्का पीने चला जाता था। इसी हुक्का चौपाल से विवाद शुरू हुआ था। परिजनों ने चौपाल पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों की मांग पर हुक्का चौपाल पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई।
बाइक पर नहीं थी नंबर प्लेट
पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपियों के पास से एक बाइक बरामद हुई। इस बाइक पर प्लेट लगी थी, लेकिन उसे पर नंबर नहीं था। प्लेट पर नंबर की जगह ठाकुर लिखा हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी किशोर को बाइक पर बैठाकर ले गए थे। पुलिस पूरे प्रकरण की कड़ी जोड़ रही है।
कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किया
गोपाल के परिवार से मिलने के लिए जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को सेक्टर-58 बिशनपुरा स्थित आवास में नजरबंद कर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पुरुषोत्तम नागर ने कहा कि दुख की घड़ी में परिवार के सदस्यों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटना चाहते थे, लेकिन पुलिस द्वारा रात में ही नजरबंद कर दिया गया।
परिवार के आरोप नकारे
परिवार के लोगों ने किशोर की निर्मम तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि किशोर के साथ दरिंदगी की गई। उसकी आंख निकाल ली गई। प्राइवेट पार्ट काट दिया गया। तेजाब से जलाया गया। कुकर्म करने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने परिवार के सभी आरोप को नकारते हुए भ्रामक बताया है। पुलिस का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी कोई बात निकल कर नहीं आई। पोस्टमार्टम में सिर में चोट की बात सामने आई थी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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