जेवर एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल का अब कितना बचा काम, कब शुरू होंगी उड़ानें?
जेवर एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल का काम तेजी से जारी है। टर्मिनल पर अब फिनिशिंग का ही काम बाकी रह है, जो अगले तीन से चार महीने का पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इसी साल के आखिर तक यहां से विदेशों के लिए भी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल का काम अक्टूबर तक पूरा होगा। ऐसे में इस वर्ष के अंत में ही इंटरनेशनल उड़ानें शुरू हो सकेंगी। लखनऊ में आयोजित हुई नायल की बोर्ड मीटिंग में टर्मिनल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंगलवार को लखनऊ के लोक भवन में हुई नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) की 27वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नायल के निदेशक मंडल में निदेशक नागरिक उड्डयन निखिल टी. फुंडे एवं सचिव वित्त विभाग संदीप कौर को निदेशक के रूप में अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में प्रथम चरण के तहत शुरू की गई घरेलू और कार्गो सेवाओं के शुभारंभ और प्रतिदिन फ्लाइटों की स्थिति को भी जाना गया। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य जारी है। इसे सितंबर या अक्टूबर में पूरा कर लिया जाएगा। अब फिनिशिंग का काम बचा है, जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसमें तीन से चार महीने का समय लगेगा। हालांकि, यह भी दावा किया गया है कि इसी वर्ष के अंत में ही इंटरनेशनल उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इस दौरान बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, नायल सीईओ राकेश कुमार सिंह, नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया आदि शामिल रहे।
एमआरओ के लिए करार हो चुका
दूसरे चरण की 1365 हेक्टेयर जमीन पर एमआरओ हब बनेगा, इसके लिए अकासा एयर के साथ समझौता किया जा चुका है।
एविएशन हब विकसित करने की तैयारी
नोएडा एयरपोर्ट पर अब दूसरे रनवे और विमानों के इंजन बनाने वाली कंपनियों को लगाने की तैयारी है। एयरपोर्ट के तीसरे चरण में 14 गांव की 2053 हेक्टेयर भूमि किसानों से ली जानी है। यह भूमि कुल 12 हजार किसानों से अधिग्रहित की जाएगी। वहीं, जिला प्रशासन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अब तक आठ हजार किसानों को करीब 5500 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जा चुका है। अगले दो माह में पूरा मुआवजा वितरण कर जमीन कब्जे में ले ली जाएगी। इस भूमि पर क्रॉसिंग और सर्विस रनवे बनाए जाएंगे, जिनसे चलकर विमान हैंगर तक पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि, नोएडा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें 15 जून से शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी यह कुछ ही रूटों पर उड़ानें शुरू हुई हैं, लेकिन जुलाई महीने से इनकी संख्या और बढ़ जाएगी। फिलहाल इस एयरपोर्ट को इंटरनेशनल यात्री उड़ानों के लिए मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए सभी डोमेस्टिक उड़ानें ही चल रही है। इसके साथ ही कार्गो विमान सेवा भी शुरू हो चुकी है। अभी इस एयरपोर्ट के विकास का पहला चरण ही पूरा हुआ है। इसमें एक रनवे और एक टर्मिनल भवन के साथ परिचालन शुरू किया गया है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। कुल चार चरणों में इसका विकास किया जाना है।


