जेवर एयरपोर्ट से उड़ान के लिए कब से शुरू होगी टिकटों की बुकिंग, विमानन मंत्री ने बताया
जेवर एयरपोर्ट से उड़ान के लिए जल्द ही टिकट बुकिंग सेवा शुरू हो जाएगी। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की ओर से तीन एयरलाइंस कंपनी इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया से बातचीत चल रही है। वहीं, अन्य तमाम कार्य 45 दिन में पूरे हो जाएंगे।

जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से उड़ान के लिए जल्द ही टिकट बुकिंग सेवा शुरू हो जाएगी। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की ओर से तीन एयरलाइंस कंपनी इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया से बातचीत चल रही है। वहीं, अन्य तमाम कार्य 45 दिन में पूरे हो जाएंगे। यह जानकारी सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय विमानन मंत्री केआर मोहन नायडू ने दी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का भव्य शुभारंभ होगा।
सोमवार को राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र नागर ने जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान शुरू होने को लेकर सवाल पूछा। इसके जवाब में केंद्रीय विमानन मंत्री ने कहा कि किसी एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए सबसे जरूरी एयरोड्रम लाइसेंस होता है। जेवर एयरपोर्ट को यह लाइसेंस मिल चुका है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 6 मार्च को इसे जारी किया है। अब 45 दिनों के भीतर बाकी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। इसके लिए एयरलाइंस कंपनियों से बातचीत जारी है। उन्हें फ्लाइट शेड्यूल तैयार करने के लिए कहा गया है। एयरलाइंस से फ्लाइट्स शेड्यूल मिलने के बाद टिकट बुकिंग सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।
एयरपोर्ट का भव्य शुभारंभ होगा
केंद्रीय विमानन मंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य शुभारंभ होगा। इसे लेकर तैयारियां चल रही है। एयरपोर्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रस्तावित है। योगी सरकार की ओर से प्रधानमंत्री को निमंत्रण भेजा जा चुका है। पीएमओ से समय मिलने के बाद इसकी तिथि घोषित हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एयरपोर्ट का शुभारंभ काफी बड़ा होगा। इसे एतिहासिक बनाने की भी तैयारी है।
प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा
प्रथम चरण के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1334 हेक्टेयर में पूरा किया गया है। यहां 3900 मीटर लंबा रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर बनाए गए हैं। पांच मार्च को ही नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) ने एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी दी, जिसके 24 घंटे के बाद ही एयरोड्रम लाइसेंस जारी हो गया था। यहां तक एयरपोर्ट के रनवे पर विमानों की लैडिंग से लेकर टर्मिनल में यात्री सुविधाओं को भी कई बार प्रशिक्षण कर परखा जा चुका है।
55 प्रतिशत बिजली की खपत हरित ऊर्जा से होगी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कार्बन उत्सर्जन नेट जीरो होगा। यहां ग्राउंड हैंडलिंग समेत यात्री सुविधाओं के लिए चलते वाले वाहन तक इलेक्ट्रिक होंगे। यहां तक कि एयरपोर्ट पर 55 फीसदी बिजली की खपत हरित ऊर्जा से होगी। एयरपोर्ट पर 10 मेगावाट बिजली सोलर (सौर) ऊर्जा फार्म से ली जाएगी। एयरपोर्ट साइट पर सोलर पैनल तक लगाए जा चुके हैं। वहीं, 10 मेगावाट बिजली पवन ऊर्जा से मिलेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए स्टेशन तक तैयार किया जा चुका है।
नायल-यापल को एयरोड्रम लाइसेंस सौंपा
नागरिक उड्डयन महा निदेशालय ने सोमवार को नायल-यापल को एयरोड्रम लाइसेंस सौंप दिया है। नायल की ओर से सीईओ आरके सिंह व नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, जबकि यापल की ओर से सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने दिल्ली पहुंचकर एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त किया। बता दें कि विगत छह मार्च को डीजीसीए ने एयरोड्रम लाइसेंस एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के रूल 78 के तहत जारी किया था। यह एयरपोर्ट का अधिकारिक दस्तावेज होता है।
सुरेन्द्र नागर, सांसद राज्यसभा, ''एयरपोर्ट ना सिर्फ गौतमबुद्धनगर बल्कि पूरे प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बडी उपलब्धि है और अब यह प्रारम्भ होने के लिए तैयार है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेंगे। पहले चरण का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।''
शैलेंद्र भाटिया, नोडल अधिकारी नायल, ''नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एयरोड्रम लाइसेंस डीजीसीए ने अधिकारिक तौर पर सौंप दिया है। सोमवार को नायल व यापल के अधिकारियों ने इसे प्राप्त किया। एयरपोर्ट से उड़ान के लिए यह अंतिम कागजी औपचारिकता हैं।''


