
ग्रेटर नोएडा में होगी जापानी सुपर फॉर्मूला कार रेस, बुद्ध सर्किट में तैयारी शुरू
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-25 में बने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) में जापान की प्रतिष्ठित सुपर फॉर्मूला कार रेस कराने की तैयारी है। इसके लिए जापान रेस प्रमोशन कॉरपोरेशन (जीआरसी) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को बीआईसी का निरीक्षण किया।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-25 में बने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) में जापान की प्रतिष्ठित सुपर फॉर्मूला कार रेस कराने की तैयारी है। इसके लिए जापान रेस प्रमोशन कॉरपोरेशन (जीआरसी) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को बीआईसी का निरीक्षण किया।

जापान प्रमोशन कॉरपोरेशन की टीम में अध्यक्ष योशिहिसा उएनो, तकनीकी संचालक टाकुया होरी, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी विभाग के जीएम ताकाशी मात्सुई और मार्केटिंग विभाग से गेन्की मियुरा यमुना प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ नगेंद्र प्रताप सिंह और ओएसडी शैलेंद्र भाटिया से मुलाकात कर यहां जापान सुपर फॉर्मूला रेस कराने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का निरीक्षण किया, ताकि यह समझा जा सके कि यहां सुपर फॉर्मूला रेस आयोजित करना कितना संभव होगा।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अबतक यह सुपर फॉर्मूला रेस सिर्फ जापान में ही होती आई है। इसी 23 नवंबर को भी जापान में रेस आयोजित होगी। वर्ष 1973 में शुरू हुई जापान सुपर फॉर्मूला ने वर्ष 2023 में अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह फॉर्मूला वन जैसी ही प्रतियोगिता है, जो दुनियाभर के बेहतरीन रेसर्स को एक मंच पर लाती है।
इस साल 17 वर्षीय जुजू नोडा जापान की पहली महिला रेसर बनी हैं, जो इस सीरीज में हिस्सा ले रहीं। बता दें कि बीआईसी में पूर्व में दो फॉर्मूला वन रेस का आयोजन हो चुका है।
एशिया की सबसे तेज रेस में शामिल
जापान की सुपर फॉर्मूला रेस ओपन-व्हील रेसिंग सीरीज है, जिसे एशिया की सबसे तेज और दुनिया में फॉर्मूला वन के बाद दूसरी सबसे तेज रेस मानी जाती है। रेस में 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कारें दौड़ती हैं। इस सीरीज में सभी कार एक जैसी डालारा एसएफ23 चेसिस का इस्तेमाल करती हैं, जिनमें होंडा या टोयोटा के इंजन लगे होते हैं और योकोहामा टायर उपयोग किए जाते हैं। सुपर फॉर्मूला रेस में कार रेसर का रियल-टाइम डेटा दिखता है। इसके 50,000 से अधिक वैश्विक यूजर है।
आरके सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण, ''यह दौरा भारत को सुपर फॉर्मूला कैलेंडर में एक नए गंतव्य के रूप में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ रेस को हर वर्ष कराने समेत कई अन्य बिंदुओं पर समझौते की योजना है। इससे क्षेत्र में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।''





