'यह गैर-कानूनी हिरासत है, अगर सोनम को कुछ भी होता है तो...'; हाई कोर्ट पहुंचीं पत्नी गीतांजलि
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि ने चिंता जताई है। कहा कि उन्हें सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं है। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत नहीं जा रही है। कहा कि इसके लिए मैंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आज ही अर्जेंट सुनवाई की मांग की है।

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने कहा है कि उनका सफदरजंग सरकारी अस्पताल से भरोसा उठ गया है। कहा कि अस्पताल ने उन्हें बताया कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम लेवल गिरकर 2.9 हो गया है। इसे उन्होंने चिंताजनक और जान के लिए खतरा बताया। फिर भी, अपने पब्लिक हेल्थ बुलेटिन में उन्होंने असल आंकड़ा नहीं बताया और सिर्फ पोटैशियम लेवल कम होने की बात कही। एक स्वतंत्र लैब टेस्ट में यह लेवल 3.5 पाया गया, जो नॉर्मल रेंज के अंदर है।
गीतांजलि ने कहा कि बार-बार कहने के बावजूद अस्पताल ने उन्हें डिस्चार्ज करने या हमारी पसंद के प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। हमारे फ्लोर पर लगभग 30 पुलिसकर्मी और पूरे अस्पताल में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। इससे हमारी आवाजाही पर बहुत ज्यादा रोक लगी हुई है। यह मेडिकल केयर नहीं है। यह गैर-कानूनी हिरासत है। अगर सोनम को कुछ भी होता है तो अस्पताल प्रशासन और सरकार को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।
गीतांजलि ने कहा कि मैंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आज ही अर्जेंट सुनवाई की मांग की है, ताकि सोनम की सेहत और बिगड़ने से पहले उन्हें कहीं और शिफ्ट करने की इजाजत मिल सके। किसी भी परिवार को सिर्फ यह तय करने के लिए सिस्टम से नहीं लड़ना पड़ना चाहिए कि उनके अपने का इलाज कहां हो।
इससे पहले गीतांजली ने देशवासियों के नाम एक संदेश जारी किया। उन्होंने लोगों से सोनम वांगचुक के समर्थन में साथ खड़े रहने और उनकी सेहत के लिए प्रार्थना करने की अपील की। गीतांजलि ने कहा कि सोनम ने हॉस्पिटल में भी अनशन जारी रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सोनम वांगचुक संसद मार्च में हिस्सा नहीं ले सकेंगे तो वह खुद इस मार्च की अगुवाई करेंगी।
वांगचुक ने संदेश जारी किया
इस बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से एक हस्तलिखित संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को 'आजादी का दूसरा आंदोलन' बताते हुए लोगों से इसमें शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। वांगचुक ने लिखा है कि आजादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत। संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सफदरजंग में अपनी कथित अवैध हिरासत से भेजा गया है। गौरतलब है कि भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह डॉक्टरों के निगरानी में हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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