हर घर से हुसैनी निकलेगा; जामिया के बाहर ईरान के समर्थन में लगे नारे-VIDEO

Mar 02, 2026 11:37 pm IST
Krishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 18 पर सोमवार शाम को छात्रों और ईरान समर्थकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इफ्तार के बाद जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने शिया-सुन्नी एकता के नारे लगाए। 

हर घर से हुसैनी निकलेगा; जामिया के बाहर ईरान के समर्थन में लगे नारे-VIDEO

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 18 के बाहर ईरान समर्थकों और छात्रों ने एकजुटता दिखाई। इफ्तार के बाद जमा हुए इन लोगों ने शिया-सुन्नी एकता और भाईचारे के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। स्थानीय पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या हिंसा की खबर नहीं मिली। कुछ देर अपनी आवाज बुलंद करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वहां से वापस चले गए।

हर घर से हुसैनी निकलेगा… के लगे नारे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को विश्वविद्यालय के बाहर छात्रों का एक समूह जमा हुआ और उन्होंने ईरान के प्रति अपना समर्थन जताया। ईरान समर्थक नारे लगा रहे थे कि ‘कितने हुसैनी मारोगे, हर घर से हुसैनी निकलेगा।’ नारेबाजी शांतिपूर्ण थी और प्रदर्शनकारियों ने भाईचारे और एकता पर जोर दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। कुछ समय बाद प्रदर्शनकारी वहां से शांतिपूर्वक चले गए।

कश्मीर में पाबंदियां

यदि देश के बाकी हिस्सों में हुए प्रदर्शनों की बात करें तो कश्मीर में सोमवार को उन इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिए गए जहां अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को जुटने से रोकने के लिए पूरे शहर में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।

शांति बनाए रखने के लिए पाबंदियां

अधिकारियों ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए ये पाबंदियां लगाई गई हैं। मुख्य चौराहों पर कटीले तार और रुकावटें लगाई गई हैं। घाटी के दूसरे जिलों के शिया इलाकों में भी ऐसी ही पाबंदियां लागू हैं। ये पाबंदियां मीरवाइज उमर फारूक के बंद के आह्वान की वजह से लगाई गई हैं। महबूबा मुफ्ती और कई दूसरे राजनीतिक दलों ने इस बंद का समर्थन किया है। निजी स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों दो दिन के लिए बंद किए गए हैं।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

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