दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, करोड़ों की ड्रग्स बरामद; 2 नाइजीरियन गिरफ्तार
पुलिस को जांच में पता चला है कि दोनों बिजनेस वीजा पर भारत आए थे मगर बाद में ड्रग तस्करी करने लगे। फिलहाल पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की धर पकड़ में जुट गई है। छापेमारी गुप्त सूचनाओं के आधार पर 2 दिसंबर, 2025 को की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 5 करोड़ रुपये की ड्रग के साथ एक इंटरनेशनल गिरोह का भांड़ाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल दो नाइजीरियाई नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है।
गिरोह के पास से करीब 5 करोड़ कीमत वाली कोकीन-एमडीएमए टैबलेट जब्त की गई है। अधिकारियों के मुताबिक पुलिस ने दोनों को अलग-अलग जगहों से शनिवार को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान क्राइम ब्रांच ने 418 ग्राम कोकीन और 925 एमडीएमए (एक्स्टसी) की गोलियां बरामद कीं। आरोपियों पर दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में ड्रग सप्लाई करने और एक इंटरनेशल ड्रग नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है।
नाइजीरिया के एजेंट के जरिए ड्रग सप्लाई
डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के मुताबिक, यह छापेमारी गुप्त सूचनाओं के आधार पर 2 दिसंबर, 2025 को की गई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि फ्रैंक नाम के एक नाइजीरियाई नागरिक ने दक्षिण दिल्ली में ड्रग सप्लाई की गतिविधियों को फिर से शुरू कर दिया है। फ्रैंक पहले भी ड्रग और एनडीपीएस की सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने टेक्नीकल और मैनुअल सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की क्योंकि वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। काफी मशक्कत के बाद छापेमारी कर फ्रैंक विक्टस को पकड़ा गया जिससे कोकीन और एमडीएमए टैबलेट की एक बड़ी खेप हाथ लगी। फ्रेंक ने इसके बाद जांच में बताया कि वह नाइजीरिया के एजेंट के जरिए दिल्ली में ड्रग सप्लाई कर रहा था।
बिजनेस वीजा पर भारत आए थे
फ्रेंक की व्हाट्सएप चैट के जरिए पुलिस को उसके साथ काम करने वाले दूसरे नाइजीरियाई ओटू तक पहुंचने में मदद मिली। इसके बाद महरौली में किराए के कमरे में रह रहे ओटू को भी पकड़ा गया और उससे भी ड्रग बरामद हुई। पुलिस को जांच में पता चला है कि दोनों बिजनेस वीजा पर भारत आए थे मगर बाद में ड्रग तस्करी करने लगे। फिलहाल पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की धर पकड़ में जुट गई है।



