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विरासत में मिली संपत्ति गुजाराभत्ता का दावा खारिज करने के लिए आय का स्रोत नहीं: दिल्ली HC

विरासत में मिली संपत्ति गुजाराभत्ता का दावा खारिज करने के लिए आय का स्रोत नहीं: दिल्ली HC

संक्षेप:

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि स्त्रीधन, विरासत में मिली संपत्ति या पत्नी को उसके माता-पिता या रिश्तेदारों से मिले तोहफों को आय का स्रोत नहीं माना जा सकता।

Dec 16, 2025 11:17 pm ISTAditi Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि स्त्रीधन, विरासत में मिली संपत्ति या पत्नी को उसके माता-पिता या रिश्तेदारों से मिले तोहफों को आय का स्रोत नहीं माना जा सकता। यह संपत्ति पति से भरण-पोषण के उसके दावे को खारिज नहीं करा सकती।

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जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि भरण-पोषण के दावे का आकलन पत्नी की वर्तमान कमाई की क्षमता और शादी के दौरान जिस जीवन स्तर की उसे आदत थी, उस स्तर पर खुद को बनाए रखने की क्षमता के आधार पर किया जाना चाहिए। न कि उसके मायके के परिवार की वित्तीय स्थिति के आधार पर।

पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि कमाने की संभावित या सैद्धांतिक क्षमता वास्तविक वित्तीय स्वतंत्रता की जगह नहीं ले सकती। इसमें यह भी कहा गया कि एक स्वस्थ पति को अपने आश्रितों का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त कमाने में सक्षम माना जाता है। यह उसी की जिम्मेदारी है कि वह अदात के सामने विश्वसनीय सबूत पेश करे ताकि यह दिखाया जा सके कि वह उक्त दायित्व को पूरा करने में वास्तव में असमर्थ है।

पीठ ने कहा कि यह अदालत नाट करती है कि प्रतिवादी-पत्नी की शैक्षिक योग्यता या काल्पनिक कमाई की क्षमता, अपने आप में उसे अंतरिम भरण-पोषण से इनकार करने का वैध आधार नहीं हो सकती। विचार के लिए प्रासंगिक यह है कि क्या उसकी वास्तविक आय, यदि कोई है, तो वह शादी के दौरान जिस स्थिति व जीवन शैली की उसे आदत थी। उसके अनुसार खुद को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। इस मामले में फैमिली कोर्ट ने पत्नी को 50 हजार रुपये का गुजाराभत्ता देने के निर्देश दिए थे। पति ने इसके खिलाफ याचिका दायर करते हुए कहा कि पत्नी को मायके से बहुत तोहफे मिले हैं। उसके पास संपति भी है। इसलिए गुजाराभत्ता देने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन हाई कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया है।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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