पीने का साफ पानी तक नहीं, 2 इंजन वाली सरकार की यही सच्चाई; इंदौर में मौतों पर कांग्रेस नेता उदित राज

Jan 03, 2026 01:11 pm ISTSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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कांग्रेस नेता उदित राज ने इंदौर में दूषित पानी की घटना को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। कहा कि भाजपा वास्तविकता पर आधारित सरकार नहीं चला रही। वे खुद को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, विश्वगुरु और डिजिटल इंडिया कहते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

पीने का साफ पानी तक नहीं, 2 इंजन वाली सरकार की यही सच्चाई; इंदौर में मौतों पर कांग्रेस नेता उदित राज

कांग्रेस नेता उदित राज ने इंदौर में दूषित पानी की घटना को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने शासन की विफलता का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। कहा कि भाजपा की स्थिति हर जगह एक जैसी है। वे वास्तविकता पर आधारित सरकार नहीं चला रहे हैं। वे खुद को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, विश्वगुरु और डिजिटल इंडिया कहते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोग मर रहे हैं और प्रधानमंत्री चुप हैं।

एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि इंदौर की घटना में हालात ऐसे हैं कि वहां साफ पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। यही दो इंजन वाली सरकार की सच्चाई है। दिल्ली प्रदूषण की चपेट में है। लोग फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी उम्र बढ़ती जा रही है। भाजपा की स्थिति हर जगह एक जैसी है। वे वास्तविकता पर आधारित सरकार नहीं चला रहे हैं। वे खुद को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, विश्वगुरु और डिजिटल इंडिया कहते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

अब तक 5 मौतों की आधिकारिक पुष्टि

बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गई और कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, जल प्रदूषण की घटना में अब तक 5 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है और अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 210 हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त मौत के आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है। उनके निष्कर्षों के आधार पर आधिकारिक आंकड़ों को अपडेट किया जाएगा।

डॉक्टरों की टीम करेगी विश्लेषण

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि प्रशासन मेडिकल टेस्ट के आधार पर आंकड़े जारी करता है। अब तक इस घटना में पांच मौतें हुई हैं। हमने वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम भी गठित की है जो जन प्रतिनिधियों या मीडिया जैसे अन्य स्रोतों से प्राप्त मौत के आंकड़ों का विश्लेषण करेगी और हम अपनी आधिकारिक संख्या रिपोर्ट को अपडेट करेंगे। कलेक्टर ने बताया कि 1 जनवरी तक 201 लोगों को भर्ती किया गया था और 2 जनवरी को नौ और लोगों को भर्ती किया गया है, जिससे यह संख्या बढ़कर 210 हो गई है।

एडिशनल कमिश्नर और सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सस्पेंड

इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को सस्पेंड करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक पोस्ट में दूषित पानी के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और पीएचई के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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लेखक के बारे में

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सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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