IndiGo कैंसिलेशन से दिल्ली को 1000 करोड़ की चोट, कारोबार पर कितना असर?

Dec 10, 2025 06:22 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

IndiGo फ्लाइटों के कैंसिलेशन के कारण दिल्ली को तगड़ी कारोबारी चोट पहुंची है। CTI का दावा किया कि इंडिगो फ्लाइटों के रद्द होने से दिल्ली के उद्योग, व्यापार और पर्यटन सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

IndiGo कैंसिलेशन से दिल्ली को 1000 करोड़ की चोट, कारोबार पर कितना असर?

IndiGo एयरलाइंस की फ्लाइटों के रोजाना रद्द होने से दिल्ली में कारोबार को तगड़ी चोट पहुंची है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया कि इंडिगो की फ्लाइटों के रद्द होने से दिल्ली के उद्योग, व्यापार और पर्यटन सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही नहीं बीते 10 दिनों के दौरान दिल्ली के बाजारों में फुटफाल 25 फीसदी कम हो गया है। एक दिसंबर से अब तक इंडिगो की लगभग 4 हजार से ज्यादा फ्लाइटें कैंसिल हो चुकी हैं।

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि रोजाना दिल्ली एयरपोर्ट से 1.5 लाख से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं जिनमें से लगभग 50 हजार व्यापारी और बिजनेसमैन होते हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन की खबरों के कारण व्यापारियों की संख्या में बहुत कमी आई है। दिल्ली के बाजारों में भी बाहर से बहुत कम लोग आ रहे हैं जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। पिछले 10 दिनों में दिल्ली के बाजारों में फुटफाल 25 फीसदी कम हो गया है।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि पिछला पूरा हफ्ता केवल इंडिगो के लिए ही नहीं भयावह साबित हुआ है वरन हजारों पर्यटकों और व्यापारियों की खुशियों को गुस्से और गम में बदल दिया है। पिछले 10 दिनों से प्रगति मैदान और आनंद मंडपम में आटोमोबाइल, हैंडलूम, टेक्सटाइल, होग फर्निशिंग, ऑटो पार्ट्स की बड़ी एक्जीबिशन लगी हुई हैं जिसमें दिल्ली के बाहर से हजारों व्यापारियों और पर्यटकों के आने का अनुमान था लेकिन हजारों लोगों की फ्लाइटें कैंसिल हो गईं।

मनोज ट्रेवल्स के डायरेक्टर मनोज खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली में यह मौसम पर्यटन, ट्यूरिज्म का होता है जो कि मध्य जनवरी तक चलता है लेकिन इंडिगो के ताजा घटनाक्रम के कारण क्रिसमस, न्यू ईयर को लेकर हुई बुकिंग पर भी इसका असर पड़ने लगा है।

बृजेश गोयल ने बताया कि इंडिगो के इस घटनाक्रम के कारण दिल्ली के व्यापार , उद्योग, पर्यटन, ट्यूरिज्म, एक्जीबिशन आदि क्षेत्रों में 1000 करोड़ के व्यापार के नुकसान का अनुमान है। इस घटनाक्रम से होटल,रेस्टोरेंट, बैंक्वेट, रिसोर्ट आदि की बुकिंग में भी भारी कमी आई है। इसके अलावा डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे आयोजनों के क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है जहां मेहमान ही नहीं कुछ मामलों में दूल्हा दुल्हन के परिवार वाले भी नहीं पहुंच पाए।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें