फरीदाबाद: पैरा कमांडो मोहित शर्मा ट्रेनिंग में शहीद, 2 महीने पहले ही हुई थी शादी
फरीदाबाद जिले के निवासी और भारतीय सेना के पैरा कमांडो मोहित शर्मा हिमाचल प्रदेश में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हो गए। 5 फरवरी को ही मोहित की शादी हुई थी वह करीब डेढ़ महीने की छुट्टी बिताकर हाल ही में ड्यूटी पर लौटे थे। वह परिवार सबसे छोटे बेटे थे।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ के गांव साहुपुरा निवासी और भारतीय सेना के 26 वर्षीय स्पेशल पैरा कमांडो मोहित शर्मा हिमाचल प्रदेश में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हो गए। वह सेना के 29 पैरा विशेष बल में तैनात थे। मोहित की 5 फरवरी को शादी हुई थी और करीब डेढ़ महीने की छुट्टी बिताकर वह हाल ही में ड्यूटी पर लौटे थे। वह परिवार सबसे छोटे बेटे थे। मोहित पिछले 8 साल से सेना में सेवा दे रहे थे और उनकी पोस्टिंग आगरा में थी।
पैरा कमांडो मोहित शर्मा 5 अप्रैल से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बकलोह सैन्य छावनी स्थित स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग ले रहे थे। शनिवार सुबह नियमित अभ्यास के दौरान बॉक्सिंग करते समय उन्हें गंभीर चोट लग गई, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुई।साथी जवानों और सैन्य अधिकारियों ने तुरंत उन्हें बकलोह स्थित सैन्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंत में उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जांच में उनके बाएं कान के पास गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। फिलहाल इस मामले को ट्रेनिंग के दौरान हुई दुर्घटना के रूप में देखा जा रहा है और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में कुछ दिन पहले तक शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजन बेटे के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं।
5 फरवरी को हुई थी शादी
पांच फरवरी को मोहित की शादी बड़े अरमानों के साथ पिंकी के साथ हुई थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अभी शादी की मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था कि यह दुखद खबर सामने आ गई। नई नवेली दुल्हन पिंकी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, वह बार-बार यही कह रही है कि अभी तो साथ जीने के सपने शुरू हुए थे। मोहित के इस तरह चले जाने से हर कोई गमगीन है।
परिवार में सबसे छोटे थे मोहित
घर की जिम्मेदारियों का बड़ा सहारा रहे मोहित परिवार सबसे छोटे बेटे थे। उनके पिता संजय शर्मा शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और एक निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि मां ममता गृहिणी हैं। दो बड़े भाई 33 वर्षीय राहुल और 31 वर्षीय सुंदर हैं। शादी के बाद मोहित अपनी पत्नी के साथ त्रिखा कॉलोनी में बड़े भाई राहुल के साथ रह रहे थे। वह करीब डेढ़ महीने की छुट्टी बिताकर हाल ही में ड्यूटी पर लौटे थे और 40 दिन के प्रशिक्षण के लिए बकलोह गए थे।
आठ साल पहले हुए थे भर्ती
मोहित पिछले आठ वर्षों से सेना में सेवा दे रहे थे और उनकी पोस्टिंग आगरा में थी। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा बल्लभगढ़ के विकास सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की, जहां से उन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद डिस्टेंस मोड से ग्रेजुएशन भी किया। वह करीब आठ वर्ष पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। इसके बाद मोहित ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से पहचान बनाई और कमांडो बनकर 29 पैरा जैसी महत्वपूर्ण इकाई का हिस्सा बने।
मां बेटे को याद कर बेसुध हो रहीं
मोहित के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद मां ममता का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की याद में वह बेसुध हो रही हैं और बार-बार दरवाजे की ओर देखती हैं, जैसे उनका लाल अभी घर लौट आएगा। पिता संजय शर्मा, जो खुद शारीरिक रूप से कमजोर हैं, अपने सबसे छोटे बेटे के जाने के गम में टूट चुके हैं। परिवार और आसपास के लोग इस दर्दनाक हादसे को भगवान की मर्जी मानकर खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर आंख नम है और हर दिल यही कह रहा है एक घर का चिराग बुझ गया, जिसने पूरे परिवार को रोशनी दी थी।


