Hindi Newsएनसीआर NewsIndia Gate protest: Some agitators attended Radical Students Union meet in Hyderabad, Delhi Police tells court
इंडिया गेट प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग बैन संगठन RSU की कॉन्फ्रेंस में भी हुए थे शामिल : दिल्ली पुलिस

इंडिया गेट प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग बैन संगठन RSU की कॉन्फ्रेंस में भी हुए थे शामिल : दिल्ली पुलिस

संक्षेप:

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कोर्ट को बताया कि पुलिसवालों पर ‘पेपर स्प्रे’ का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार कुछ प्रदर्शनकारी इस साल की शुरुआत में हैदराबाद में प्रतिबंधित रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (आरएसयू) की एक कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुए थे।

Nov 30, 2025 06:37 am ISTPraveen Sharma नई दिल्ली, पीटीआई
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दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कोर्ट को बताया कि पुलिसवालों पर ‘पेपर स्प्रे’ का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार कुछ प्रदर्शनकारी इस साल की शुरुआत में हैदराबाद में प्रतिबंधित रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (आरएसयू) की एक कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुए थे।पुलिस ने मामले में छह आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अरिदमन सिंह चीमा के समक्ष यह दलील दी। इन प्रदर्शनकारियों पर इंडिया गेट पर प्रदूषण के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा के समर्थन में नारेबाजी करने औऱ पुलिसकर्मियों पर ‘पेपर स्प्रे’ का इस्तेमाल करने के आरोप है।

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नई दिल्ली जिले के डीसीपी दिनेश महला ने कोर्ट में कहा, ''रिकॉर्ड में वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं जो यह दिखाते हैं कि कुछ आरोपी 21 और 22 फरवरी को हैदराबाद में रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (RSU) की एक कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे।"

डीसीपी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया से कई वीडियो मिले हैं, जिनमें आरोपी स्टूडेंट्स के कथित लिंक और नक्सली मूवमेंट के प्रति उनके सपोर्ट को दिखाया गया है।

पुलिस अधिकारी ने कोर्ट को बताया, "हमें नए सबूतों के साथ उनका सामना कराने के लिए उनकी पुलिस कस्टडी की जरूरत है और अगर उन्हें बेल पर छोड़ा गया तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।"

सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांचकर्ताओ को पूरी कथित साजिश के पीछे के लोगों का पता लगाने और यह पता लगाने के लिए समय चाहिए कि किसके कहने पर प्रदर्शनकारियों ने माओवादी नेता माडवी हिडमा के नारे लगाए थे।

वहीं, आरोपियों के वकील ने कहा कि पुलिस के पास स्टूडेंट्स से पूछताछ करने के लिए काफी समय था और उन्हें अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

वकील ने कहा, “वे क्या पूछताछ करना चाहते हैं? इन स्टूडेंट्स को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज एक और ऐसे ही मामले में पहले ही बेल मिल चुकी है। उन्हें कस्टडी में नहीं रखा जाना चाहिए क्योंकि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।”

वकील ने तर्क दिया कि जांच एजेंसी की जरूरत के आधार पर स्टूडेंट्स को लंबे समय तक जेल में रखने से उनकी पढ़ाई और करियर की उम्मीदें खतरे में पड़ जाएंगी।

आरोपी विष्णु के वकील अभिनव सेखरी ने कोर्ट को बताया, "प्रदर्शन के पीछे कथित साजिश का पुलिस का केस पूरी तरह से गलत साबित होता है, क्योंकि पेपर स्प्रे ले जाने का मतलब यह नहीं है कि पुलिसवालों पर हमले की प्लानिंग की जा रही है.... किसी ने भी कोई गलत काम करने की साजिश नहीं रची।"

कोर्ट ने पुलिस से हर आरोपी की भूमिका पर सप्लीमेंट्री रिपोर्ट मांगी

कोर्ट ने सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी और पुलिस से हर आरोपी की भूमिका पर सप्लीमेंट्री रिपोर्ट फाइल करने को कहा। बाद में, पुलिस ने 8 प्रदर्शनकारियों को ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अंजलि सिंह के सामने पेश किया और उसी मामले में 7 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी।

इंडिया गेट पर प्रदर्शन से पहले की थीं कई मीटिंग

कस्टडी मांगते हुए पुलिस ने कहा कि उन्हें अपनी जांच के दौरान पता चला है कि प्रदर्शन करने से पहले कुछ आरोपियों ने कई मीटिंग की थीं। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने सभी 8 आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में पार्लियामेंट स्ट्रीट और कर्तव्य पथ थानों में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में कुल 23 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। उनमें से 17 को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में हुई हाथापाई के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और 6 को इंडिया गेट पर प्रदर्शन करते समय पुलिस पर कथित तौर पर पेपर स्प्रे इस्तेमाल करने के मामले में कर्तव्य पथ थाने के कर्मचारियों ने पकड़ा था।

हालांकि, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने दर्ज में एफआईआर में नामजद 17 प्रदर्शनकारियों में से 15 को दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के सिलसिले में फिर से गिरफ्तार कर लिया है। 15 में से 7 को 25 नवंबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था और बाकी 7 को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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