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मरीज को बेहोश किए बिना बदल दी किडनी, ILBS अस्पताल के डॉक्टरों ने कैसे किया कारनामा

मरीज को बेहोश किए बिना बदल दी किडनी, ILBS अस्पताल के डॉक्टरों ने कैसे किया कारनामा

संक्षेप:

दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) ने मरीज को बेहोश किए बिना किडनी ट्रांसप्लांट की सफल सर्जरी को अंजाम दिया है। अस्पताल का दावा है कि दिल्ली में पहली बार बिना जनरल एनेस्थीसिया दिए, केवल एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट की सर्जरी की गई।

Feb 10, 2026 09:24 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, तरनजीत कौर
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दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) ने मरीज को बेहोश किए बिना किडनी ट्रांसप्लांट की सफल सर्जरी को अंजाम दिया है। अस्पताल का दावा है कि दिल्ली में पहली बार बिना जनरल एनेस्थीसिया दिए, केवल एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट की सर्जरी की गई।

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आईएलबीएस के एक डॉक्टर ने बताया कि 6 फरवरी को की गई सर्जरी में पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज जागता रहा, डॉक्टरों से बातचीत करता रहा और बिल्कुल आरामदायक महसूस करता रहा। उसे मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

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बता दें कि आमतौर पर किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के दौरान मरीज को पूरी तरह बेहोश किया जाता है। इसके लिए जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है, सांस की नली डाली जाती है और मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है। यह तरीका सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जिन मरीजों को हृदय या फेफड़ों की बीमारी होती है, उनके लिए यह थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है।

अस्पताल के डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सर्जरी के लिए अलग तकनीक अपनाते हुए मरीज को केवल एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न हो गया। सर्जरी के दौरान मरीज को दर्द महसूस नहीं हुआ और वह खुद सामान्य रूप से सांस लेता रहा।

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एपिड्यूरल और सामान्य एनेस्थीसिया में प्रमुख अंतर

इसमें मरीज जागता रहता है, लेकिन शरीर का कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न कर दिया जाता है। रीढ़ की हड्डी के पास पतली ट्यूब डालकर दवा दी जाती है। मरीज खुद सामान्य सांस लेता है। इसी ट्यूब से ऑपरेशन के बाद भी दर्द की दवा दी जा सकती है। वहीं, जनरल एनेस्थीसिया में मरीज को पूरी तरह बेहोश कर दिया जाता है। ऑपरेशन के दौरान उसे कुछ भी पता नहीं चलता। मरीज खुद सांस नहीं ले पाता, इसलिए गले में ट्यूब डालकर मशीन (वेंटिलेटर) से सांस दी जाती है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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