CJP प्रोटेस्ट के बीच IIT रुड़की के एक नोटिस पर शुरू हो गया बवाल, जानिए विवाद की पूरी कहानी
CJP के 'संसद चलो' प्रदर्शन के बीच IIT रुड़की का एक नोटिस अचानक चर्चा में आ गया। नोटिस में छात्रों और कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक बयानों को लेकर हिदायत दी गई है। आखिर नोटिस में ऐसा क्या लिखा था कि विवाद शुरू हो गया और बाद में संस्थान को सफाई देनी पड़ी? जानिए पूरा मामला।

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' प्रदर्शन के बीच IIT रुड़की का एक नोटिस चर्चा का विषय बन गया है। संस्थान ने छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों को बिना अनुमति किसी भी राजनीतिक गतिविधि या सार्वजनिक राजनीतिक बयान से दूर रहने की सलाह दी है। नोटिस में 'वर्तमान में चल रहे राजनीतिक आंदोलन' का जिक्र होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे CJP आंदोलन से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, IIT प्रशासन ने इसे हर साल जारी होने वाली नियमित एडवाइजरी बताया है।
क्या है विवाद की पूरी कहानी
IIT रुड़की के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी एडवाइजरी में कहा गया कि संस्थान के छात्र, कर्मचारी और अन्य संबद्ध लोग बिना संस्थान की अनुमति किसी राजनीतिक चर्चा या गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही, उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया पर ऐसा कोई सार्वजनिक बयान या राय देने से भी बचने को कहा गया है, जिससे संस्थान और केंद्र सरकार के संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता हो। नोटिस में यह भी कहा गया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, शोध और ज्ञान का प्रसार है और सभी को संस्थान के आचार नियमों (Conduct Rules) का पालन करना चाहिए।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
विवाद की सबसे बड़ी वजह नोटिस की वह पंक्ति बनी, जिसमें कहा गया कि इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ कैंपस निवासी “वर्तमान में चल रहे राजनीतिक आंदोलन” के प्रति अपनी नजदीकी सार्वजनिक रूप से दिखा रहे हैं।
यही लाइन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन से जोड़ दिया। चूंकि उसी समय हजारों छात्र और युवा परीक्षा अनियमितताओं तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, इसलिए नोटिस पर सवाल उठने लगे।
IIT रुड़की ने क्या दी सफाई?
विवाद बढ़ने के बाद IIT रुड़की की मीडिया सेल प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई नीति या नया निर्देश नहीं है। उनके मुताबिक, प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए इसी तरह की एडवाइजरी जारी की जाती है।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान के पहले से लागू आचार नियमों की याद दिलाने के लिए जारी की गई नियमित एडवाइजरी है। इसका CJP आंदोलन या किसी विशेष राजनीतिक घटना से कोई संबंध नहीं है और इसे संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कथित परीक्षा अनियमितताओं और नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर आंदोलन चला रहा है।
सोमवार को CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद से यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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