
करना है तो सेवा करें, इसके नाम पर सौदा ना करें; HTLS में धर्मांतरण के मुद्दे पर सीएम साय की दो टूक
केरल की दो ननों की राज्य में हुई गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की गलती के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि 'इस मामले में जांच जारी है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर चाहे वह पुलिस ही क्यों ना हो।'
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि लोगों की अशिक्षा का फायदा उठाकर चंगाई के जरिए उनका धर्म परिवर्तन करने वाले लोग गलत काम कर रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। इस तरह से धर्मांतरण करने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ कहा कि लोग सेवा करें, लेकिन इसके नाम पर सौदा ना करें। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को आयोजित हिन्दुस्तान लीडरशिप समिट (HTLS) में चर्चा के दौरान कही। वे इस समिट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे।
कार्यक्रम के दौरान जब साय से पूछा गया कि आपकी सरकार ने कहा था कि आप ऐसा धर्मांतरण विरोधी कानून ला रहे हैं जो कि बाकी राज्यों से और ज्यादा सख्त होगा। तो जवाब में उन्होंने कहा, 'वैसे तो हमारे प्रदेश में पहले से इस बारे में कानून है, लेकिन इसे और कड़ा करने की आवश्यकता है और मुझे विश्वास है कि 14 से 17 दिसंबर के बीच होने वाले शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पारित होने के लिए विधानसभा में आएगा और यह बेहद कड़ा होगा और निश्चित रूप से इसके कानून बनने से धर्मांतरण पर रोक लगेगी।'
जब उनसे पूछा गया कि राज्य में इतने सख्त कानून की जरूरत क्यों पड़ गई तो सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, 'हमारा देश धर्मनिरपेरक्ष देश है, कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से कोई भी धर्म अपना सकता है, लेकिन अगर किसी की अशिक्षा का फायदा उठाकर, किसी को बहला-फुसलाकर, चंगाई को माध्यम बनाकर अगर उसका धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो यह किसी भी नजरिए से उचित नहीं है और इसका विरोध होना चाहिए।' आगे उन्होंने कहा, 'जो कानून वर्तमान में हैं, उनके होने के बाद भी इस तरह से धर्मांतरण रूक नहीं रहा है, इसलिए कड़े कानून को लाने की आवश्यकता है।'
इसके बाद सीएम से प्रदेश में ईसाई समुदाय के लोगों पर बढ़ते हमलों को लेकर सवाल पूछा गया और उन्हें बताया गया कि बीते छह महीनों में ऐसी 50 से ज्यादा घटनाएं हुई हैं, जहां पर अलग-अलग तरीके से उनको निशाना बनाया गया। ऐसे में इस समुदाय के लोगों में डर है कि अगर नया कानून आया तो ऐसे मामले और बढ़ जाएंगे। तो जवाब में सीएम ने कहा, 'किसी को यहां चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अगर कोई अपराध करेगा तो उन्हें सख्ती से रोकना भी पड़ेगा और उनके ऊपर कार्रवाई भी करना पड़ेगी। ऐसे लोगों से आग्रह है कि लोगों की अशिक्षा को माध्यम बनाकर उनको बहलाकर, फुसलाकर, चंगाई के माध्यम से धर्मांतरण बिल्कुल रोक दें। सेवा करें, सेवा के नाम से सौदा ना करें।
केरल की दो ननों की बिलासपुर में हुई गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की गलती के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि 'इस मामले में जांच जारी है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर चाहे वह पुलिस ही क्यों ना हो।'





