IAS संदीप भागिया पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला अफसर मिलीं गड़बड़ी की दोषी, UP सरकार को भेजी गई रिपोर्ट
अलीगढ़ मंडलायुक्त ने आईएएस अफसर संदीप भागिया के खिलाफ महिला अधिकारियों की ओर से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। इस रिपोर्ट में उन अधिकारियों को वित्तीय गड़बड़ी का दोषी पाया गया है।

नोएडा में अपर आयुक्त (राज्यकर) और आईएएस अधिकारी संदीप भागिया पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद तबादला किए गए अधिकारियों के मामले की जांच पूरी हो गई है। अलीगढ़ मंडलायुक्त ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसमें उत्पीड़न का शिकायत करने वाले अधिकारियों को वित्तीय गड़बड़ी का दोषी बताया गया है। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया है।
बीते साल अगस्त में संदीप भागिया के खिलाफ विभाग की महिला अधिकारियों ने शोषण, उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस बारे में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया था। आरोप था कि संदीप भागिया महिला अधिकारियों को अपने ऑफिस में बुलाकर घंटों खड़ाकरके घूरते हैं। रात-रात भर फोन और वीडियो कॉल करते हैं। ऑफिस में छुप-छुप कर देखते हैं और उनका वीडियो बनाते हैं। जो अधिकारी उनकी इस हरकत का विरोध करती हैं तो उसे किसी मामले में फंसाकर सस्पेंड करा देते हैं।
सितंबर में आधा दर्जन अफसरों का हुआ था ट्रांसफर
अपर आयुक्त पर आरोप के बाद महिला अधिकारियों समेत लगभग आधा दर्जन अधिकारियों का बीते साल यहां से सितंबर में तबादला कर दिया गया था। अधिकारियों का आरोप था कि उन पर वित्तीय गड़बड़ियां कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने का जबरन आरोप लगाकर उन्हें सस्पेंड करने की तैयारी है। हालंकि, विभाग ने तबादले का कारण एक पान मसाला भरे ट्रक को कम टैक्स वसूलकर छोड़ने को बताया। इस मामले में अलीगढ़ मंडलायुक्त आईएएस संगीता सिंह को जांच सौंपी गई।
रिपोर्ट में तबादला किए गए अधिकारियों को ही दोषी बताया गया है। शासन ने रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। अलीगढ़ मंडलायुक्त ने बताया कि मामले में जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
‘राजस्व हानि पहुंचाने का आरोप निराधार’
इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय गड़बड़ियां कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने का आरोप निराधार है। यह रिपोर्ट मंडलायुक्त ने नहीं, बल्कि अपर आयुक्त की जानकारी पर बनाई गई है। इस बारे संदीप भागिया का कहना है कि अधिकारियों के खिलाफ शुरुआत में विभागीय जांच की गई थी। जांच में अधिकारी दोषी पाए गए थे, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। इसके बाद शासन की ओर से अलीगढ़ मंडलायुक्त को जांच सौंपी गई थी।
विवादों में जीएसटी विभाग
● मार्च 2025 में सेक्टर 75 स्थित एपेक्स एथेना आवासीय परिसर में 59 वर्षीय संजय सिंह ने 14वीं मंजिल के फ्लैट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वे गाजियाबाद के जीएसटी विभाग में उपायुक्त थे। उनकी पत्नी का आरोप था कि वे काम के भारी दबाव के शिकार थे। उन्होंने कहा था कि जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए व्यवस्था जिम्मेदार है।
● 12 जून 2026 को सेक्टर 148 स्थित राज्यकर भवन में जीएसटी अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान उपायुक्त वेद प्रकाश सिंह की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। अपर आयुक्त राज्यकर गौतमबुद्ध नगर नोएडा जोन संदीप भागिया पर उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।


