
मैं कपिल मिश्रा को दो दिन का समय देता हूं…; आतिशी वाले वीडियो पर AAP नेता ने कर डाली कौन सी मांग
‘आप’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा,इससे इस अहम सवाल का जवाब नहीं मिला कि आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द का उच्चारण किया था या नहीं।
आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व सीएम आतिशी की वीडियो मामले में ‘आप’ और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। एक तरफ दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को दावा किया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो मौलिक है और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। तो वहीं ‘आप’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा,इससे इस अहम सवाल का जवाब नहीं मिला कि आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द का उच्चारण किया था या नहीं।
इसी के साथ उन्होंने बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को दो दिन का समय देते हुए माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा, मैं कपिल मिश्रा को दो दिन का समय दे रहा हूं, वह श्री दरबार साहिब में जाकर माफी मांगें।
यह भी पढ़ें: वीडियो में छेड़छाड़ नहीं… आतिशी के बयान पर फोरेंसिंक रिपोर्ट में आई; स्पीकर ने साधा निशाना
सौरभ भारद्वाज ने कहा, बीजेपी ने आतिशी जी वाली वीडियो को लेकर तमाम झूठ फैलाए लेकिन अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में साफ हुआ है कि आतिशी जी ने गुरु शब्द बोला ही नहीं है। कपिल मिश्रा द्वारा शेयर की गई फर्जी वीडियो को लेकर पंजाब की फॉरेंसिक लैब ने जो बात कही थी, वही बात अब दिल्ली की फॉरेंसिक लैब ने घुमा फिराकर कही हैं।
उन्होंने कहा, कोई सामान्य व्यक्ति भी उस वीडियो को ध्यान से सुन ले तो वह भी कह देगा कि आतिशी जी ने गुरु शब्द बोला ही नहीं है। बीजेपी हिंदुओं और सिखों के बीच धार्मिक माहौल बिगाड़कर दंगे करवाना चाहती है लेकिन भाजपा की चाल नाकाम हो गई। इस राजनीतिक मामले में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर उतर आए हैं और स्पीकर के पद को यह शोभा नहीं देता है। आप नेता ने कहा, जिस वीडियो को कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर Share किया था, उसी वीडियो की जांच पंजाब की फॉरेंसिक लैब में की गई और साबित हो गया कि आतिशी न ने गुरु शब्द बोला ही नहीं था।

लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ें



