कई दिनों से देख रही हूं वे राजनीति कर रहे, उन्हें दोहरापन नहीं दिखाना चाहिए; किस पर भड़कीं स्वाति मालीवाल
भाजपा सांसद मालीवाल ने कहा कि एक ओर तो वह प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रशंसा करते हैं और उन पर पूरा विश्वास जताते हैं, दूसरी ओर समिति के नियमों और परंपराओं की अनदेखी करते हुए लगातार मीडिया में बयानबाजी और राजनीतिक स्टंट कर रहे हैं।'

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पार्टी के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर श्वेत पत्र लाने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने पीएम से पिछले आठ सालों में NTA की परीक्षाओं में हुए पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों की घटनाओं और उन पर की गई कार्रवाई का ब्योरा देते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उधर उनकी इस मांग के बाद हाल ही में AAP से भाजपा में आईं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल भड़क गई हैं और उन्होंने दिग्विजय सिंह पर NEET और CBSE के मुद्दे पर जमकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनकी इन कोशिशों को स्टंट करार देते हुए मालीवाल ने कहा कि अपनी राजनीति के लिए उन्हें बच्चों के भविष्य से नहीं खेलना चाहिए। साथ ही कहा है कि कांग्रेस को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों के साथ है या केवल राजनीति करना चाहती है।
इस बारे में की अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में मालीवाल ने लिखा, 'मैं संसदीय शिक्षा समिति का हिस्सा हूं और पिछले कई दिनों से देख रही हूं कि समिति के अध्यक्ष होने के बावजूद दिग्विजय सिंह जी NEET और CBSE के मुद्दे पर जमकर राजनीति कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि 'शिक्षा समिति पिछले कई दिनों से सकारात्मक रूप से NEET और CBSE के मुद्दे पर काम करने की कोशिश कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार छात्रों के हित में हर संभव प्रयास कर रही है।'
पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार का किया बचाव
आगे उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा समिति और केंद्र सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि 'पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने तत्काल CBI को जांच सौंपी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।' उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद में आज तक का सबसे कड़ा एंटी-पेपर लीक कानून भी पारित कराया है और सिस्टम में कोई कमी न रहे, इसलिए एयर फोर्स तक को जिम्मेदारी दी गई है।'
मालीवाल बोलीं- केंद्र सरकार की नीयत पूरी तरह साफ
अपनी पोस्ट में मालीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और पेपर लीक के प्रति सरकार की नीति ‘जीरो टोलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) की है। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर संसदीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के रवैये पर दुख जताया और कहा कि 'बहुत दुख की बात है कि समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह जी तथा कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर केवल राजनीति करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नहीं, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के मन में डर और भ्रम पैदा करना है।'
दिग्विजय से पूछा- कांग्रेस के दौर में कितने पेपर लीक हुए थे
आगे उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 'कांग्रेस के समय कितने पेपर लीक हुए ये बात दिग्विजय सिंह जी अच्छे से जानते है। पर इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा के किसी भी सदस्य ने कभी भी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं की। संसद के कानून का पालन करते हुए समिति के अन्य किसी भी संसद सदस्य ने भी मीडिया में जाकर इस विषय पर कुछ नहीं बोला है।'
आगे कांग्रेस नेता पर आरोप लगाते हुए मालीवाल ने कहा कि 'दिग्विजय सिंह जी एक ओर तो हम सब के सामने प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रशंसा करते हैं और कहते हैं कि उन्हें मोदी जी पर पूरा विश्वास है, और दूसरी ओर वो ही समिति के नियमों और परंपराओं की अनदेखी करते हुए लगातार मीडिया में बयानबाज़ी और राजनीतिक स्टंट कर रहे हैं।'
दिग्विजय से बोलीं- आपको दोहरापन नहीं दिखाना चाहिए
मालीवाल ने आगे कहा, 'इतने वरिष्ठ नेता होने के नाते दिग्विजय सिंह जी को अपने लीडर को खुश करने के लिए यह दोहरापन नहीं दिखाना चाहिए। अपनी राजनीति के लिए बच्चों के भविष्य से नहीं खेलना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी छात्रों के हित में मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों के साथ है या केवल राजनीति करना चाहती है।'
दिग्विजय के पत्र के बाद मालीवाल ने किया हमला
दरअसल स्वाती मालीवाल की यह पोस्ट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा पीएम मोदी को लिखे उस पत्र के बाद आई है, जिसमें सिंह ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा पिछले आठ सालों में करवाई गई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा देते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष सिंह ने अपने पत्र में यह भी कहा कि ऐसे समय में जब लाखों छात्र भारी दबाव में हैं, तो व्यवस्था में उनका भरोसा मजबूत करना जरूरी है।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि इस बात का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है कि प्रश्नपत्र लीक से संबंधित मामलों और उन पर सीबीआई और केंद्र एवं राज्य सरकारों की अन्य जांच एजेंसियों द्वारा कैसे मुकदमा चलाया जा रहा है। सिंह ने कहा कि आधिकारिक जानकारी के अभाव में कई खबरों और अफवाहों ने उसकी जगह ले ली है।
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Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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