
गुरुग्राम सेक्टर-110ए के निवासियों को गुड न्यूज, HSVP दूर करने जा रहा लोगों की ये बड़ी दिक्कत
गुरुग्राम में सेक्टर-110ए के निवासियों के लिए एक बड़ी की खबर है। एचएसवीपी द्वारा द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित सेक्टर-110ए में बाजार विकसित किया जाएगा। इस बाजार के बनने के बाद सेक्टरवासियों को खरीदारी के लिए आसपास सेक्टरों की मार्केट का रुख नहीं करना पड़ेगा।
गुरुग्राम में सेक्टर-110ए के निवासियों के लिए एक बड़ी की खबर है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित सेक्टर-110ए में बाजार विकसित किया जाएगा। इस बाजार के बनने के बाद इस सेक्टर के निवासियों को खरीदारी के लिए आसपास सेक्टरों की मार्केट का रुख नहीं करना पड़ेगा।

यह सेक्टर गांव बजघेड़ा के पास करीब 30 एकड़ जमीन पर बसा है। एचएसवीपी ने नौ साल पहले द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के बीच में आ रहे न्यू पालम विहार और चौमा गांव के निर्मित मकानों के बदले में इस सेक्टर में वैकल्पिक प्लॉट आवंटित किए थे। करीब 125 परिवारों ने इस सेक्टर में रहना शुरू कर दिया है। 50 मकान निर्माणाधीन हैं। सेक्टर में करीब 450 प्लॉट हैं। स्थानीय आरडब्ल्यूए की तरफ से लंबे समय से इस सेक्टर में बाजार विकसित करने की मांग की जा रही थी। इस मामले में स्थानीय निवासियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी।
एचएसवीपी ने अब रिहायशी प्लॉट नंबर 58 से लेकर 68 के पास लगती करीब 602 वर्ग मीटर जमीन पर बाजार विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें सिर्फ आठ बूथ और छह क्योसक होंगे। संपदा अधिकारी-1 ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी कार्यालय से इसे मंजूरी के लिए मुख्य प्रशासक कार्यालय में भेजा था।
ई-नीलामी के जरिए दुकानें बेची जाएंगी
एचएसवीपी के संपदा अधिकारी की तरफ से अब इन दुकानों को ई-नीलामी के माध्यम से बेचा जाएगा। इसमें 96 वर्ग मीटर में आठ बूथ बनेंगे, जबकि 45 वर्ग मीटर में छह क्योसक का निर्माण होगा। 458 वर्ग मीटर क्षेत्र में पार्किंग विकसित की जाएगी। एक बूथ का साइज 12 वर्ग मीटर का होगा, जबकि क्योसक का साइज साढ़े सात मीटर होगा।
झाबर सिंह, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-110ए, ''करीब 125 घर बनकर तैयार हो चुके हैं। एचएसवीपी से बाजार विकसित करने के लिए पिछले पांच साल से पत्राचार कर रहे हैं। एचएसवीपी अधिकारियों से आग्रह किया है कि बाजार में अतिशीघ्र दुकानों की नीलामी की जाए। बाजार न होने के कारण घरेलू सामान खरीदने के लिए दूर जाना पड़ता है।''





