
वे सोचने का समय नहीं देते…; चैतन्यानंद सरस्वती के जाल में फंसने वाली थी लड़की, कैसे एक फैसले से बची
बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दिल्ली के वसंत कुंज स्थित दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पी़ड़न का आरोप है। चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दिल्ली के वसंत कुंज स्थित दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पी़ड़न का आरोप है। चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। छात्राओं के आरोपों से लेकर बाबा के फरार होने तक मामले में अब तक कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। इस बीच बाबा के जाल में फंसने से बाल-बाल बची एक लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई है। उसने बताया है कि कैसे वह पिछले साल उस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने ही वाली थी लेकिन आखिर में उसने मना कर दिया।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की ने बताया कि उसने पहली बार पिछले साल अक्टूबर में चैतन्यानंद के इंस्टीट्यूट में दाखिला पाने की उम्मीद में संपर्क किया था। उसने दावा किया कि चैतन्यानंद ने उसे व्यक्तिगत रूप से वित्तीय सहायता के साथ इंटर्नशिप देने का आश्वासन दिया था और दावा किया था कि इंस्टीट्यूट डिजिटल शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म और विदेश में करियर बनाने का चांस देता है। लड़की ने दावा किया कि बाबा ने उससे कहा कि मैं यहां आकर इंटर्नशिप कर सकती हूं, और इसके लिए वे मुझे पैसे भी देंगे। उन्होंने कहा कि यहां हमारी सारी चीजें डिजिटल हैं, आपके लिए अच्छे अवसर हैं। फिर बाबा जी ने कहा कि वे आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग देते हैं।
लड़की ने क्यों किया इनकार
लड़की ने बताया कि जिस बात ने उसे तुरंत परेशान कर दिया, वह ये थी कि इंस्टीट्यूट वाले चाहते थे कि वह उसी दिन फैसला ले। उसने कहा, वे आपको ज़्यादा सोचने का वक्त नहीं देते। उसी दिन कहेंगे कि तुम्हारा एडमिशन पक्का हो जाना चाहिए। मैं फैसला लेने के लिए एक-दो दिन चाहती थी, लेकिन उन्होंने इसकी इजाजत नहीं दी। मेरे माता-पिता ने कहा, वे सोचने का वक़्त क्यों नहीं दे रहे? इससे उन्हें शक हुआ और उन्होंने एडमिशन लेने से इनकार कर दिया। लड़की ने कहा, मैं खुशकिस्मत थी कि मैं बाबा के जाल में नहीं फंसी।





