Hindi Newsएनसीआर NewsHow a girl was about to fall into Chaitanyananda Saraswati trap she was saved by a decision
वे सोचने का समय नहीं देते…; चैतन्यानंद सरस्वती के जाल में फंसने वाली थी लड़की, कैसे एक फैसले से बची

वे सोचने का समय नहीं देते…; चैतन्यानंद सरस्वती के जाल में फंसने वाली थी लड़की, कैसे एक फैसले से बची

संक्षेप:

बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दिल्ली के वसंत कुंज स्थित दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पी़ड़न का आरोप है। चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।

Sep 29, 2025 09:22 pm ISTAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दिल्ली के वसंत कुंज स्थित दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पी़ड़न का आरोप है। चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। छात्राओं के आरोपों से लेकर बाबा के फरार होने तक मामले में अब तक कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। इस बीच बाबा के जाल में फंसने से बाल-बाल बची एक लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई है। उसने बताया है कि कैसे वह पिछले साल उस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने ही वाली थी लेकिन आखिर में उसने मना कर दिया।

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की ने बताया कि उसने पहली बार पिछले साल अक्टूबर में चैतन्यानंद के इंस्टीट्यूट में दाखिला पाने की उम्मीद में संपर्क किया था। उसने दावा किया कि चैतन्यानंद ने उसे व्यक्तिगत रूप से वित्तीय सहायता के साथ इंटर्नशिप देने का आश्वासन दिया था और दावा किया था कि इंस्टीट्यूट डिजिटल शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म और विदेश में करियर बनाने का चांस देता है। लड़की ने दावा किया कि बाबा ने उससे कहा कि मैं यहां आकर इंटर्नशिप कर सकती हूं, और इसके लिए वे मुझे पैसे भी देंगे। उन्होंने कहा कि यहां हमारी सारी चीजें डिजिटल हैं, आपके लिए अच्छे अवसर हैं। फिर बाबा जी ने कहा कि वे आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग देते हैं।

लड़की ने क्यों किया इनकार

लड़की ने बताया कि जिस बात ने उसे तुरंत परेशान कर दिया, वह ये थी कि इंस्टीट्यूट वाले चाहते थे कि वह उसी दिन फैसला ले। उसने कहा, वे आपको ज़्यादा सोचने का वक्त नहीं देते। उसी दिन कहेंगे कि तुम्हारा एडमिशन पक्का हो जाना चाहिए। मैं फैसला लेने के लिए एक-दो दिन चाहती थी, लेकिन उन्होंने इसकी इजाजत नहीं दी। मेरे माता-पिता ने कहा, वे सोचने का वक़्त क्यों नहीं दे रहे? इससे उन्हें शक हुआ और उन्होंने एडमिशन लेने से इनकार कर दिया। लड़की ने कहा, मैं खुशकिस्मत थी कि मैं बाबा के जाल में नहीं फंसी।

Aditi Sharma

लेखक के बारे में

Aditi Sharma
अदिति शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया में 8 साल का अनुभव है। साल 2016 में प्रोडक्शन हाउस से करियर की शुरुआत करने के बाद इन्होंने फर्स्टपोस्ट हिन्दी, न्यूज नेशन और टीवी9 जैसे संस्थानों में सेवा दी और वर्ष 2023 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ीं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के वृंदावन की रहने वाली अदिति ने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन किया है। इससे पहले यह बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन में ग्रेजुएशन कर चुकी हैं। इन्हें भारतीय राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी है। और पढ़ें
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