स्टेरायड से कूल्हा खराब, जिम में इंजेक्शन लगवाया था; 80 हजार रुपए ठगने का भी आरोप
बॉडी बनाने का फितूर एक आदमी को काफी भारी पड़ गया। स्टेरायड का इंजेक्शन लगाने के बाद उसका कूल्हा खराब हो गया। डॉक्टर ने सर्जरी कराकर कूल्हा बदलवाने की हिदायत दी है। पीड़ित ने आरोपी जिम ट्रेनर पर 80 हजार रुपए ठगने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।

बॉडी बनाने का फितूर एक आदमी को काफी भारी पड़ गया। स्टेरायड का इंजेक्शन लगाने के बाद उसका कूल्हा खराब हो गया। पीड़ित ने आरोपी जिम ट्रेनर पर 80 हजार रुपए ठगने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थानाक्षेत्र में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर ने जिम संचालक पर स्टेरायड देने का आरोप लगाया है। इससे उनके कूल्हे खराब हो गए हैं और डॉक्टर ने सर्जरी कराकर बदलवाने की हिदायत दी है। ढाई साल पुराने मामले में सोमवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
प्रॉपर्टी डीलर हैं पीड़ित
न्यायखंड-तीन में रहने वाले कमल कांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह इलाके के एएसआर फिटनेस जिम में व्यायाम करने जाते थे। आरोप है कि नवंबर 2023 में जिम संचालक गुलजार खान ने उन्हें अपना मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाया। यह दुबई की एक संस्था की ओर से जारी किया गया था। गुलजार ने कहा कि शरीर को मजबूत बनाने और जल्द अच्छे परिणाम के लिए उसने कुछ सप्लीमेंट मंगाए हैं।
नौ सप्ताह तक कूल्हे पर इंजेक्शन लगाए
आरोपी ने उन्हें एक इंजेक्शन के बारे में बताया। दावा किया कि इनका कोई हानिकारक प्रभाव नहीं होता। विश्वास कर उन्होंने आरोपी को करीब 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद गुलजार सप्ताह में चार दिन उन्हें एक-एक इंजेक्शन देने लगा। उसने लगभग नौ सप्ताह तक उनके कूल्हे पर इंजेक्शन लगाए। आरोपी ने कभी इंजेक्शन का कोई रैपर आदि नहीं दिखाया। चार माह बाद उन्होंने जिम छोड़ दिया। करीब एक साल पहले अचानक उनके पैर में दर्द होने लगा।
सर्जरी करा कूल्हा बदलवाना पड़ेगा
शुरुआत में उन्होंने दर्द निवारक गोली और जेल लगाया तो कुछ आराम मिला। नवंबर 2024 में दर्द और तेज होने लगा। एमआरआई कराने के बाद डॉक्टर ने कहा कि स्टेरायड के कारण कूल्हे की हड्डी खराब हो चुकी है। सर्जरी करा कूल्हा बदलवाना पड़ेगा। आरोप है कि वह गलत तरीके से जिम में सप्लीमेंट बेचता है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि गुलजार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


