'मैंने उसकी खोपड़ी फाड़ दी और जेल भी नहीं गया...', स्वतंत्र भारद्वाज का दावा, कपिल मिश्रा का भी नाम लिया
खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में बड़ा दावा किया है। भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक आदमी का सिर फोड़ दिया और उन्हें जेल भी नहीं हुआ। भारद्वाज ने दिल्ली के मंत्री को कपिल मिश्रा को अपने बड़े भाई के समान बताया।

खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के एक वायरल पॉडकास्ट ने भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पॉडकास्ट में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता पर बेरहमी से किए गए हमले को खुलेआम स्वीकार किया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस बात से इनकार किया है।
पॉडकास्ट में भारद्वाज खुलेआम विरोध-प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय कुमार पर हमला करने और उनकी खोपड़ी फोड़ने का दावा करते दिखाई देते हैं। भारद्वाज ने गर्व से दावा किया कि कैसे उन्होंने निशु के पिता को लगभग मार डाला था, लेकिन उन्हें जेल भी नहीं हुई। उन्होंने अपना समर्थन देने के लिए कपिल मिश्रा को श्रेय दिया। भारद्वाज ने कहा कि निशू के बाप का हम सर फाड़े। आपको पता है, इसमें कौन सी धारा लगती है? हाफ मर्डर। धारा 307। बंदा मरने के हालात में एम्बुलेंस में जा रहा था। उसकी बेटी थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो वह जहर खाकर आत्महत्या कर लेगी।
मैं रात भर बाहर था
भारद्वाज ने पॉडकास्ट में कहा कि हम तो जेल भी नहीं गए। पूरी दुनिया को ये बात पता होनी चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए। एक तो हमारे बालाजी, हमारे हेमंत जी की कृपा है, दूसरा कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं। ये लोग कहते हैं कपिल मिश्रा का कॉल आ गया और मुझे छोड़ दिया गया। दुनिया को पता चलना चाहिए मैं रात भर बाहर था। भारद्वाज ने चिराग पासवान के अलावा प्रधानमंत्रीर मोदी का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनके बड़े भाई जैसे हैं। 'द कैज़ुअल टॉक' नाम के चैनल का यह पॉडकास्ट दो दिन पहले यूट्यूब पर रिलीज हुआ था। गुरुवार शाम को इस मामले पर दिल्ली पुलिस के बयान के बाद इस पर काफी नाराजगी देखी गई।
कड़े से लगी थी चोटः दिल्ली पुलिस
वहीं, दिल्ली पुलिस ने एक्स पर दावा किया कि निशु के पिता कुमार को हाथापाई के दौरान कड़े से सिर में चोट लगी थी। पुलिस ने कथित हमलावर के खुद यह मानने के बावजूद खोपड़ी फोड़ने वाली बात को गलत बताया। नई दिल्ली के डीसीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा गया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर पर हाथापाई के समय कथित लोगों में से एक द्वारा पहने गए कड़े से चोट लग गई। आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की और चोटों को मामूली बताया। ये चोटें कड़े से लगी थीं, न कि किसी हथियार से। खोपड़ी में दरार के बारे में गलत जानकारी तथ्यों या एमएलसी से मेल नहीं खाती और पूरी तरह से बेबुनियाद है। इसमें कहा गया है कि कुमार के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एक मामला दर्ज किया गया। उन्हें घटनास्थल से हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को कानून के मुताबिक नोटिस दिए गए और उनसे पूछताछ की गई। जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
सीजेपी आज थाना पहुंचेगी
कॉकरोच जनता पार्टी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस ने खुले तौर पर मानी गई बात पर कार्रवाई क्यों नहीं की। संगठन ने घोषणा की कि उसके सदस्य संजय कुमार और निशु आजाद को न्याय दिलाने के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचेंगे। निशु ने कहा कि वह अपने पिता के साथ थाने जाएगी।
राहुल गांधी ने भी उठाया सवाल
बता दें कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुमार पर हमला हुआ था, जब उनकी बेटी छात्रों के आंदोलन में हिस्सा ले रही थी और उसे रिकॉर्ड कर रही थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि इन्फ्लुएंसर को उनका संरक्षण क्यों हासिल है। वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर दावा किया कि जब हमला हुआ तो वे खुद डीसीपी के पास गए और उनसे गुंडों को गिरफ्तार करने को कहा। दीपके का आरोप है कि डीसीपी ने जवाब दिया कि हम यूं ही किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकते।


