
यमुना सिटी में बन सकता है हिमाचल का डिवाइस पार्क, 100 करोड़ बजट की मांग
यमुना प्राधिकरण ने हिमाचल प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण में आ रही अड़चनों को देखते हुए उसे यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित पार्क में समायोजित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसके सफल होने पर यह उत्तर भारत का पहला और करीब 500 एकड़ का सबसे बड़ा चिकित्सीय हब बन जाएगा।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब हिमाचल प्रदेश में बनने वाला मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) लाने की तैयारी है। यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने इस बारे में हिमाचल प्रदेश के फार्मास्युटिकल विभाग को पत्र लिखा है।

यमुना प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि देश में चार मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की योजना है। इनमें उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क बनने में कई अड़चन आ रही हैं। ऐसे में वहां काम शुरू नहीं हो पाया है। यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में हिमाचल प्रदेश के डिवाइस पार्क को समायोजित करने का प्रस्ताव रखा है। प्राधिकरण ने हिमाचल प्रदेश के फार्मास्युटिकल पार्क को यमुना सिटी में समायोजित करने के लिए 100 करोड़ बजट की मांग की है।
अधिकारी ने बताया कि यदि हिमाचल से सहमति बनती है तो यमुना सिटी के मेडिकल पार्क को उत्तर भारत में पहला दर्जा मिल जाएगा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में अभी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के उत्पादन पर जोर है। हिमाचल का एमडीपी समायोजित होने के बाद शहर में गंभीर बीमारियों से जुड़े अन्य उपकरणों के साथ अस्पतालों का सामान जैसे बिस्तर समेत अन्य चीजें भी तैयार हो सकेंगी। एयरपोर्ट पास होने के चलते उपकरणों का विदेश में भी निर्यात आसान होगा।
शहर के एमडीपी का क्षेत्रफल बढ़ेगा
फिलहाल यमुना सिटी में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क तैयार हो रहा है। अब तक प्राधिकरण क्षेत्र में 101 भूखंडों का आवंटन कर चुका है। इससे करीब 1300 करोड़ के निवेश का अनुमान है। इस पार्क में 200 से अधिक भूखंड हैं। वहीं, हिमाचल का एमडीपी भी यहां आने के बाद इसका क्षेत्रफल 500 एकड़ तक होने की संभावना है। इससे यमुना सिटी बड़ा चिकित्सीय हब के रूप में उभर सकेगा।





