काम की बात: दिल्ली के 3 टोल प्लाजा पर अब अधिक शुल्क देना होगा, नई दरें आज से लागू
नए वित्त वर्ष के आगाज के साथ बुधवार से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स की नई दरें लागू हो रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी व सीमावर्ती क्षेत्रों के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को अधिक भुगतान कर यात्रा करनी होगी। एनएचएआई का कहना है कि टोल टैक्स में मामूली वृद्धि वार्षिक प्रक्रिया है।

नए वित्त वर्ष के आगाज के साथ बुधवार से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स की नई दरें लागू हो रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी व सीमावर्ती क्षेत्रों के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को अधिक भुगतान कर यात्रा करनी होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कहना है कि टोल टैक्स में मामूली वृद्धि की गई है, जो की वृद्धि की वार्षिक प्रक्रिया है। एनएचएआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एक अप्रैल से लागू होने वाली नई दरों के तहत निजी वाहनों के लिए पांच रुपये तक टोल बढ़ाया गया है।
द्वारका एक्सप्रेस बिजवासन टोल
द्वारका एक्सप्रेसवे के बिजवासन टोल प्लाजा पर निजी वाहन चालकों को एक तरफ की यात्रा के लिए नई दरों के तहत 225 रुपये टोल शुल्क देना होगा। इसमें पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले 220 रुपये शुल्क लगता था। एक दिन के भीतर जाकर लौटने के लिए दोनों तरफ का 340 रुपये शुल्क अदा करना होगा। निजी वाहनों के मासिक पास के लिए 7360 रुपये के बजाय 7550 रुपये देने होंगे। इसी तरह हल्के व्यावसायिक वाहनों को एक तरफ यात्रा के लिए 355 की बजाय अब 365 रुपये देने होंगे।
यूईआर-2 मुंडका-बक्करवाला टोल
यूईआर-2 पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा के रास्ते कार, जीप व वैन से आने-जाने वालों को अब एक तरफ की यात्रा के लिए 230 रुपये चुकाने होंगे। पहले 225 रुपये लगते थे। नई दरों के तहत एक दिन के भीतर जाकर लौटने के लिए दोनों तरफ यात्रा के लिए 350 रुपये टोल देना होगा, जो पहले 345 रुपये था। यानी इस टोल की दरों में पांच रुपये की वृद्धि की जा रही है। कार, जीप व वैन से 50 एकल यात्रा के लिए मासिक पास का दाम 7540 रुपये से बढ़कर 7730 रुपये हो गया है।
बदरपुर टोल
मथुरा रोड के रास्ते दिल्ली व फरीदाबाद के बीच आवाजाही करने वालों को बदरपुर टोल प्लाजा से निकलने पर एक तरफ यात्रा के लिए 35 रुपये टोल टैक्स अदा करना होगा। इसमें मात्र एक रुपये की वृद्धि हुई है। पहले एक तरफ यात्रा के लिए 34 रुपये चुकाने पड़ते थे। वहीं कार व जीप से एक दिन में एक टोल से आने व जाने के लिए 55 रुपये देने होंगे, जिसके लिए पहले 50 रुपये शुल्क लगता था। इनके लिए मासिक पास का दाम 1009 रुपये से बढ़कर 1110 रुपये हो गया है।
एनएच-48 का खेड़की दौला टोल
गुरुग्राम जाने व वहां से आने वालों को इस टोल प्लाजा पर एक तरफ यात्रा के लिए निजी वाहन चालकों को अब 100 रुपये अदा करने होंगे। पहले 95 रुपये लगते थे। एक दिन में दोनों तरफ यात्रा के 145 रुपये के बजाय 150 रुपये देने होंगे। निजी वाहनों के लिए मासिक पास का रेट 3240 रुपये से बढ़कर 3320 रुपये हो गया है। व्यावसायिक वाहनों को एक तरफ यात्रा के लिए 160 रुपये व दोनों तरफ के लिए 240 रुपये देने होंगे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


