हनुमान जयंती से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली; पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा कड़ी
दिल्ली पुलिस ने हनुमान जयंती पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। हाल ही में लश्कर के संदिग्ध आतंकी शब्बीर लोन की गिरफ्तारी के बाद यह कदम उठाया गया है। लोन ने दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और बाजारों की रेकी की थी।

हनुमान जयंती से पहले राष्ट्रीय राजधानी हाई अलर्ट पर है। दिल्ली पुलिस ने हनुमान जयंती के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह कदम लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है। पूछताछ में पता चला कि आतंकी शब्बीर लोन बड़े मंदिरों के साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी कर रहा था। वह इन जगहों के वीडियो पाकिस्तान भेजने की योजना बना रहा था। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों विशेषकर जहांगीरपुरी में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ा दी है।
दिल्ली पुलिस का फ्लैग मार्च
हनुमान जयंती के मौके पर शोभायात्रा से पहले राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस मुस्तैद है। दिल्ली पुलिस ने जिस रूट पर हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा निकाली जाएगी उस पर बुधवार को गाड़ियों में तिरंगा झंडा लगाकर फ्लैग मार्च निकाला। बड़ी संख्या में पुलिस बल और अतिरिक्त पुलिस बल के जवान फ्लैग मार्च में मौजूद रहे। खासकर जहांगीरपुरी जैसे संवेदनशील इलाके में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
लश्कर हैंडलर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस चौंकन्नी
दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध हैंडलर शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी के 3 दिन बाद यह कदम उठाया गया है। लोन पर दिल्ली में आतंकवादी हमले की योजना बनाने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि लोन दिल्ली के बड़े मंदिरों के वीडियो और तस्वीरें जुटा रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लोन को 29 मार्च को गिरफ्तार किया था। उसने कथित तौर पर कबूल किया है कि शहर के तीन मशहूर मंदिर उसके निशाने पर थे।
लोन ने की थी महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी
एक सूत्र ने बताया कि आतंकवादी नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने के लिए लोन ने कई भीड़भाड़ वाली जगहों की रेकी की थी। इनमें मंदिर और बाजार शामिल हैं। लोन ने छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर और लोटस टेम्पल के वीडियो बनाए थे। उसने कनॉट प्लेस और लाजपत नगर जैसे व्यस्त इलाकों के वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे। इन वीडियो को पाकिस्तान में बैठे अपने साथियों को भेजने की योजना थी। पुलिस ने लोन को एक प्रशिक्षित आतंकवादी बताते हुए कहा कि वह आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले हैंडलरों के संपर्क में था।
सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हनुमान जयंती के कारण पूरी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंदिरों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों, बाज़ारों, मंदिरों और जुलूस के रास्तों पर मोटरसाइकिल और पैदल, दोनों ही तरीकों से गश्त बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी, ड्रोन और खुफिया जानकारी की मदद से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने जहांगीरपुरी में सुरक्षा के बहुत मजबूत इंतजाम किए हैं क्योंकि वहां 2022 के जुलूस में हिंसा हुई थी। अब जुलूस में केवल 500 लोग ही शामिल होंगे।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


