‘प्रोटेस्ट करने से कोई काम नहीं होगा, इसका कोई मतलब नहीं’- CJP आंदोलन पर बोलीं हेमा मालिनी
Hema Malini on CJP Protest: CJP के 'चलो संसद' मार्च और प्रदर्शन के बीच भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने अपना रिएक्शन दिया है। इसको लेकर राजनीतिक चर्चा जोर पकड़ रही है। हेमा ने कहा- ‘प्रोटेस्ट करने से कोई काम नहीं होगा, इसका कोई मतलब नहीं… जानिए उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा।

Hema Malini on CJP Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एजुकेशन सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के बीच भाजपा सांसद हेमा मालिनी का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस तरह विरोध प्रदर्शन करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। इसका कोई मतलब नहीं है। भाजपा सांसद के इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रोटेस्ट करने से कोई काम नहीं होगा
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन मीडिया से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा, “अगर कोई समस्या है तो उसे अच्छी तरह बैठकर चर्चा करनी चाहिए। इस तरह प्रोटेस्ट करने से कोई काम नहीं होगा। देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के लिए हमारी मोदी सरकार हमेशा साथ रही है और इस दिशा में बहुत काम किया है।”
विरोध प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं- हेमा
उन्होंने आगे कहा, “अभी जो यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है, उसका कोई मतलब नहीं है। बात करके समस्या का समाधान निकालना चाहिए। छात्रों को इस तरह शामिल कर उन्हें गुमराह नहीं करना चाहिए। उन्हें सही तरीके से बताया जाना चाहिए कि असली समस्या क्या है। उन्हें अच्छे काम के लिए प्रेरित करना चाहिए।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा
हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दरअसल, सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के बैनर तले हजारों छात्र और युवा जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय की जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प
संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत शुरू
प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनका ज्ञापन लिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी अब भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं।


