
'उन्हें कोई बीमारी नहीं है, वह यहां-वहां घूम रहे हैं'; आसाराम की जमानत रद्द कराने SC पहुंची रेप पीड़िता
नाबालिग रेप पीड़िता ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता के वकील ने वकील ने दलील दी कि आसाराम गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं। रेप के दोषी आसाराम को पहले राजस्थान हाईकोर्ट और बाद में गुजरात हाईकोर्ट ने मेडिकल बेस पर जमानत दी थी।
नाबालिग रेप पीड़िता ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता के वकील ने वकील ने दलील दी कि आसाराम गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं। रेप के दोषी आसाराम बापू को अक्टूबर में राजस्थान हाईकोर्ट और नवंबर में गुजरात हाईकोर्ट ने मेडिकल बेस पर जमानत दी थी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के वकील अल्जो जोसेफ ने दलील दी कि स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम देश भर में यात्रा कर रहे हैं और गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं, इसलिए उनकी जमानत रद्द की जानी चाहिए। वकील ने कोर्ट को बताया कि अगस्त में हाई कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि आसाराम की हालत स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है।
जोसेफ ने यह भी तर्क दिया कि चिकित्सा आधार पर जमानत पाने वाले आसाराम अहमदाबाद, जोधपुर और इंदौर सहित अन्य स्थानों की यात्रा कर रहे हैं। वकील ने बताया कि आसाराम ऋषिकेश से महाराष्ट्र भी गए थे। जोसेफ ने बताया कि आसाराम ने कभी किसी अस्पताल में लंबे समय तक इलाज नहीं कराया। उन्होंने आगे बताया कि आसाराम जोधपुर में आयुर्वेदिक उपचार ले रहे हैं और उन्हें कोई बीमारी नहीं है।
29 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को चिकित्सा आधार पर छह महीने की जमानत दे दी। आसाराम के वकील देवदत्त कामत ने तर्क दिया कि वह लंबे समय से बीमार हैं और जेल में उनका उचित इलाज संभव नहीं है। इसलिए बिना हिरासत के उन्हें जमानत देने से उनके इलाज में मदद मिलेगी।
एक हफ्ते बाद 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी आसाराम को जमानत दे दी। उनके वकील ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को पीठ के समक्ष पेश किया और विचार के लिए निवेदन किया। उनके वकील ने तर्क दिया कि 86 साल के आसाराम दिल संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें इलाज कराने का अधिकार है। गुजरात हाईकोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट का अनुसरण करते हुए जमानत दे दी।
आसाराम के खिलाफ मामला
जोधपुर के निकट मणाई गांव स्थित अपने आश्रम में 16 साल का एक लड़की के साथ रेप के आरोप में आसाराम अगस्त 2013 से जेल में बंद हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की इस लड़की ने अपनी शिकायत में कहा था कि आसाराम ने उसे 15 अगस्त 2013 की रात अपने आश्रम में बुलाया था।
दो महीने बाद आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर गुजरात के सूरत स्थित अपने आश्रम में दो बहनों के साथ कथित रेप का आरोप लगाया गया। जोधपुर की एक अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसके साथी शरद और शिल्पी को भी इसी मामले में उनकी भूमिका के लिए अदालत ने 20 साल जेल की सजा सुनाई थी।
उन्हें 2002 के एक रेप के मामले में भी दोषी ठहराया गया था और 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। लगभग 12 साल जेल में रहने के बाद उन्हें पहली बार 7 जनवरी 2025 को चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी गई थी। इसे बाद में जुलाई और अगस्त में बढ़ा दिया गया था। पीठ ने 27 अगस्त को अंतरिम जमानत बढ़ाने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने 30 अगस्त को आत्मसमर्पण कर दिया था।





