वो पूरी तरह भाजपा का आदमी, ताहिर हुसैन को हुई सजा पर बोली AAP; ओवैसी कनेक्शन भी बताया
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ही ताहिर हुसैन को ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़वाया गया। आज भाजपा का कोई भी नेता यह नाम नहीं ले रहा है कि ताहिर हुसैन ओवैसी की पार्टी से है। ओवैसी भाजपा वालों के क्या लगते हैं, जो वे उनका नाम नहीं ले रहे?
दिल्ली की एक अदालत ने शहर के उत्तर-पूर्वी इलाके में साल 2020 में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए ताहिर हुसैन को भाजपा का आदमी बताया और कहा कि हुसैन पर आरोप लगते ही AAP ने उसे तुरंत पार्टी से बर्खास्त कर दिया था। इसके अलावा पार्टी ने मंत्री कपिल मिश्रा और ताहिर हुसैन के बीच घनिष्टता का जिक्र करते हुए कहा कि ताहिर हुसैन ने ही कपिल मिश्रा को करावल नगर से चुनाव लड़वाया था। बदले में कपिल मिश्रा ने ही ताहिर हुसैन को पार्टी जॉइन करवाई थी। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि भाजपा ने ही मुस्तफाबाद सीट पर ताहिर को ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़वाया था, ताकि भाजपा विरोधी वोट बंट सकें।
इस मामले को लेकर AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को एक कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने ताहिर हुसैन और भाजपा के बीच रिश्ते होने का आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा कि ‘ताहिर हुसैन तो पूरी तरह से भाजपा का ही आदमी है। दिल्ली में दंगों के बाद उसका राजनीतिक फायदा अगर किसी को मिला है, तो वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा है। अभी 2025 में जो चुनाव हुए, उसमें मुस्तफाबाद जैसी सीट पर, जहां भाजपा का जीतना लगभग नामुमकिन रहता है, ऐसी सीट पर भाजपा विरोधी वोट बांटने और भाजपा को जिताने के लिए ताहिर हुसैन को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़वाया गया।’
'MCD ताहिर का मकान गिराने गई थी तो कपिल मिश्रा बचाने गए थे'
इसके बाद भाजपा नेता और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा से ताहिर हुसैन की करीबी का जिक्र करते हुए AAP दिल्ली अध्यक्ष ने कहा कि कपिल मिश्रा का अपना चुनावी और विधायक कार्यालय ताहिर हुसैन के उसी घर में होता था, जिस घर पर दंगों के दौरान हथियार और पत्थर जमा करने के आरोप लगे थे। जब उस घर का निर्माण चल रहा था और एमसीडी उसे गिराने आई थी, तो कपिल मिश्रा ही उसे बचाने गए थे। उस जगह पर दफ्तर खुलने से पहले हवन और कुरान ख्वानी दोनों हुई थी और वहां कपिल मिश्रा खुद मौजूद थे।
'ताहिर हुसैन ने ही कपिल को करावल नगर से चुनाव लड़वाया था'
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ताहिर हुसैन ने ही कपिल मिश्रा को करावल नगर से चुनाव लड़वाया था। बदले में कपिल मिश्रा ने ही ताहिर हुसैन को पार्टी जॉइन करवाई थी। उस वक्त मुस्तफाबाद के तत्कालीन विधायक हाजी यूनुस ताहिर हुसैन को पार्षद का टिकट नहीं देना चाहते थे, लेकिन कपिल मिश्रा ने लड़कर उसे टिकट दिलवाई थी। ताहिर हुसैन पूरी तरह से भाजपा का ही आदमी था और चुनाव में दंगों का फायदा भी सिर्फ भाजपा को ही होता है।
'भाजपा को फायदा पहुंचाने ताहिर को ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़वाया'
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ही ताहिर हुसैन को ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़वाया गया। इनकी ओवैसी से पूरी सेटिंग है कि जहां मन करे, वहां वोट काटने के लिए ओवैसी की पार्टी से उम्मीदवार उतार दिए जाते हैं। भाजपा यह क्यों नहीं कहती कि ओवैसी की पार्टी के ताहिर हुसैन को सजा मिली है?
'AAP ने ताहिर को पार्टी से निकाला, भाजपा तो सीने से लगाती है'
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'इस बात के सबूत हर जगह मौजूद हैं कि जैसे ही ताहिर हुसैन पर दंगे से जुड़े आरोप लगे, तो पार्टी ने तुरंत उसे पार्टी से निकाल दिया था। वहीं इसके उलट ऐसे दर्जनों उदाहरण मौजूद हैं, जहां जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को भाजपा ने सीने से लगाकर रखा। चाहे नित्यानंद हों, कुलदीप सेंगर हों या बृजभूषण सिंह हों या कोई और हो, जिनके ऊपर बच्चों के साथ बलात्कार तक के गंभीर आरोप लगे, लेकिन भाजपा ने उनके समर्थन में तिरंगा यात्राएं निकालीं।'


