Hindi Newsएनसीआर NewsHC says those seeking removal of objectionable content should first approach social media platforms
सीधे हमारे पास आने की बजाय पहले यह काम किया करें; अजय देवगन की याचिका पर बोला हाई कोर्ट

सीधे हमारे पास आने की बजाय पहले यह काम किया करें; अजय देवगन की याचिका पर बोला हाई कोर्ट

संक्षेप:

उच्च न्यायालय ने कहा बेमतलब अदालतों में मुकदमों का बोझ बढ़ाना कई लिहाज से गलत है। अपनी समस्या का हल आसानी से पाना लोगों का मकसद होता है, जोकि हो भी रहा है। इसलिए इस याचिका का निपटारा यहीं किया जाता है।

Dec 02, 2025 03:24 pm ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया है कि आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को तुरंत हटाने की मांग करने वाले लोगों को सीधे अदालत आने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क करना चाहिए। जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने कहा कि अदालत की कार्यवाही में पेश होने वाले सोशल मीडिया अधिकारी खराब व गलत कंटेंट हटाने के लिए ऐसी शिकायतों पर कोई आपत्ति नहीं करते हैं। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की रक्षा करते हुए एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश देने के दौरान की।

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एकतरफा रोक लगाने के संबंध आदेश जारी करने से पहले पीठ ने कहा कि अलग-अलग यूजर्स द्वारा अपलोड की गई अभिनेता की दूसरी महिला सेलेब्रिटीज के साथ एआई से बनी तस्वीरें (जो कथित तौर पर खराब, गलत व पहली नजर में अश्लील हैं) उन्हें सूचना एवं तकनीक अधिनियम के अनुसार हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म को रिपोर्ट किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि इसलिए यह साफ किया जाता है कि अगर अब से कोई शिकायतकर्ता/वादी आईटी नियम के तहत दिए गए कानूनी तरीके का इस्तेमाल किए बिना अदालत आता है तो उस पार्टी को एकतरफा अंतरिम रोक का हकदार नहीं माना जा सकता। ऐसे में अदालत उस पार्टी को पहले बताए गए नियम के तहत अपना उपाय इस्तेमाल करने का निर्देश देगा।

इसके बाद पीठ ने कहा कि जब सोशल मीडिया प्लेटफार्म को ऐसी आपत्तिजनक सामग्री हटाने से कोई आपत्ति नहीं है तो शिकायतकर्ता को सबसे पहले उनसे ही संपर्क करना चाहिए। इससे उनकी समस्या का हल वहीं निकल जाएगा। अदालत पर भी अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा।

पीठ ने आगे कहा कि कानूनी व्यवस्था का मकसद शिकायत करने वाले को असरदार सुधार की प्रणाली देना है, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म खुद उपलब्ध करा रहा है। ऐसे में बेमतलब अदालतों में मुकदमों का बोझ बढ़ाना कई लिहाज से गलत है। अपनी समस्या का हल आसानी से पाना लोगों का मकसद होता है, जोकि हो भी रहा है। इसलिए इस याचिका का निपटारा यहीं किया जाता है।

Sourabh Jain

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Sourabh Jain
सौरभ जैन पत्रकारिता में लगभग 15 वर्ष से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2009 में ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है। सौरभ को राजनीति, बॉलीवुड और खेल की खबरों में विशेष रुचि है। और पढ़ें
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