काम की बात: ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की डेडलाइन बढ़ी-लागत भी डबल, गुरुग्राम से सोनीपत जाना होगा आसान; यहां बनेंगे स्टेशन
Haryana Orbital Rail Corridor : हरियाणा रेल ऑर्बिटल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की डेडलाइन और लागत एक बार फिर से बढ़ गई है। गुरुग्राम से सोनीपत तक बनने वाले इस 126 मीटर लंबे कॉरिडोर के काम पर अब करीब साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

हरियाणा के विकास को रफ्तार देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना हरियाणा रेल ऑर्बिटल कॉरिडोर (एचओआरसी) का शिलान्यास अक्टूबर 2022 में किया गया था। परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा दिसंबर 2027 तय की गई थी। अब इसकी समय-सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2029 कर दी गई है।
शुरुआती आंकलन के अनुसार इस परियोजना पर लगभग पांच हजार 600 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान था, जो अब बढ़कर करीब साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह ने बताया कि लागत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण तकनीकी मानकों का उन्नतिकरण, भूमि अधिग्रहण की दरों मे बढ़ोतरी एवं जीएसटी दरों मे बढ़ोतरी है।
सुरंग के अलाइनमेंट में बदलाव
प्रबंध निदेशक ने बताया कि आईएमटी सोहना और धुलावत के मध्य अरावली की पहाड़ियों को काटकर एक हाईटेक रेल टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस टनल के डिजाइन और तकनीकी अलाइनमेंट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने पड़े हैं। पहाड़ी और जटिल भौगोलिक क्षेत्र होने के कारण दूसरे विभागों से भी अनुमति लेनी पड़ी।
प्राथमिकता खंड में रेल यातायात शुरू
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह ने बताया कि एचओआरसी (126 किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिफाइड दोहरी रेल लाइन) का काम दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में धुलावत से न्यू पातली के बीच पांच रेलवे स्टेशनों सहित (धुलावत, चांदला डूंगरवास, पंचगांव, मानेसर, न्यू पातली) लगभग 30 किलोमीटर का रेल मार्ग एवं पातली-मानेसर तथा पातली-न्यू पातली-सुल्तानपुर कनेक्टिविटी लाइनें शामिल हैं। पातली से मानेसर प्राथमिकता खंड का कार्य अप्रैल-2025 में पूर्ण कर लिया गया है। जून 2025 से रेल यातायात शुरू कर दिया गया।
80 प्रतिशत सिविल वर्क पूरा
परियोजना के पहले चरण का लगभग 80 प्रतिशत सिविल वर्क (मिट्टी भराव और पुलों का निर्माण कार्य) पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में पृथला से धुलावत एवं न्यू पातली से न्यू हरसाना कलां तक 96 किलोमीटर का रेल मार्ग, 12 नए रेलवे स्टेशन एवं पृथला-न्यू पृथला तथा असोदा-मांडौठी कनेक्टिविटी लाइनें शामिल हैं। सोहना और धुलावत के बीच वायाडक्ट का निर्माण भी शामिल हैं।
सोनीपत जाना आसान होगा
रेल कॉरिडोर मुख्य रूप से पलवल जिले के पृथला स्टेशन से शुरू होकर आईएमटी सोहना, मानेसर एवं खरखौदा औद्योगिक कस्बों से होते हुए सोनीपत जिले के न्यू हरसाना कलां स्टेशन तक बनेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर, विशेषकर हरियाणा के शहरों की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। दिल्ली क्षेत्र के रेल मार्गों पर मालगाड़ियों का दबाव भी कम होगा।
कॉरिडोर छह रेल मार्गों को जोड़ेगा
● दिल्ली-मथुरा-मुंबई रेल मार्ग
● दादरी-रेवाड़ी-मुंबई डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर
● दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद रेल मार्ग
● गढ़ी हरसरु-फारुखनगर रेल मार्ग
● दिल्ली-रोहतक-भटिंडा रेल मार्ग
● दिल्ली-सोनीपत-अंबाला रेल मार्ग
सुखविंदर सिंह, प्रंबंध निदेशक, एचआरआईडीसी, ''126 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण कर लिया है। परियोजना के प्रथम चरण के सिविल कार्य लगभग 80 फीसदी पूर्ण किया जा चुका है। काम पूरा होने का समय दिसंबर 2029 तय किया गया है।''


