
हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए सेटेलाइट सर्वे शुरू, 521 हेक्टेयर जमीन पर दो चरण में बसेगा सुंदर शहर
गाजियाबाद की नई टाउनशिप हरनंदीपुरम का पहला चरण तीन महीने में लाने की तैयारी है। योजना का सेटेलाइट सर्वे शुरू हो गया है, जो एक महीने में पूरा हो सकता है। साथ ही योजना की डीपीआर बनाने वाली एजेंसी 16 जनवरी को प्रजेंटेशन देगी।
गाजियाबाद की नई टाउनशिप हरनंदीपुरम (Harnandipuram Township) का पहला चरण तीन महीने में लाने की तैयारी है। योजना का सेटेलाइट सर्वे शुरू हो गया है, जो एक महीने में पूरा हो सकता है। साथ ही योजना की डीपीआर बनाने वाली एजेंसी 16 जनवरी को प्रजेंटेशन देगी। वहीं, गाजियाबाद प्राधिकरण किसानों से आपसी सहमति बनाकर जमीन खरीद रहा है।
8 गांवों की जमीन पर दो चरणों में बसेगा शहर
गाजियाबाद में हरनंदीपुरम नाम से नई टाउनशिप बसाई जाएगी। दो चरण में प्रस्तावित यह टाउनशिप कुल 521 हेक्टेयर में बसेगी, जिसमें आठ गांव की जमीन किसानों से खरीदी जाएगी। पहले चरण में पांच गांवों की 350 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप बसेगी, जिसके लिए प्राधिकरण को किसानों से करीब 336 हेक्टेयर जमीन खरीदनी है। बाकी जमीन प्राधिकरण के पास पहले से है। जीडीए किसानों से अब तक 55 हेक्टेयर जमीन का बैनामा करा चुका है, जबकि करीब 115 हेक्टेयर भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, योजना को विकसित करने के लिए सलाहकार एजेंसी तय हो गई है, जिसने योजना का सेटेलाइट सर्वे (टोपोग्राफिकल सर्वे) शुरू कर दिया है।
अधिकारी बताते हैं कि सेटेलाइट सर्वे से टाउनशिप की रूपरेखा तैयार हो सकेगी। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि जमीन की वर्तमान स्थिति क्या है, ताकि योजना पर आगे काम शुरू करने से पूर्व उसकी पूरी जानकारी हो सके। सर्वे एक महीने में पूरा कर रिपोर्ट तैयार होगी। साथ ही योजना की डीपीआर और लेआउट तैयार करने वाली एजेंसी 16 जनवरी को प्रजेंटेशन देगी।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को लाभ होगा
योजना से गाजियाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जाने वाले भूखंडों में बेहतर बुनियादी ढांचे (सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज, पार्क, कम्युनिटी सेंटर आदि) की सुविधाएं मिलेंगी। मकान निर्माण के लिए बेहतर वातावरण और सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत क्रय की गई भूमि पर व्यावसायिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन स्थलों के विकास की भी योजना बनाई गई है। योजना से नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जीडीए इस दर से खरीद रहा जमीन
हरनंदीपुरम योजना के लिए प्राधिकरण पांच गांवों की कुल 336.8444 हेक्टेयर जमीन खरीद रहा है। यह जमीन वहां के सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा दर पर खरीदी जा रही है। नगला फिरोज मोहनपुर गांव की सबसे अधिक 192.6514 हेक्टेयर जमीन 7,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदी रही है। इसके अलावा मथुरापुर गांव की करीब 14 हेक्टेयर, शमशेर गांव की करीब 86 हेक्टेयर, चम्पतनगर गांव की करीब 33 हेक्टेयर, भनेड़ाखुर्द गांव की करीब नौ हेक्येटर जमीन खरीदी जा रही है।
1200 करोड़ खर्च होंगे
जीडीए अधिकारी बताते हैं कि प्राधिकरण आगामी वित्तीय वर्ष में हरनंदीपुरम योजना के लिए जमीन खरीदने पर 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें 400 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शासन ने प्राधिकरण को भेजे हैं, जबकि 800 करोड़ रुपये जीडीए खर्च करेगा।
नंदकिशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए, ''हरनंदीपुरम का सेटेलाइट सर्वे कराया जा रहा है, ताकि इस सर्वे के आधार पर लेआउट तैयार हो सके। वहीं, किसानों से आपसी सहमति बनाकर जमीन खरीदी जा रही है। प्राधिकरण इस योजना को जल्द ही लॉन्च करेगा।''





