इच्छामृत्यु के लिए एम्स में हरीश राणा का खाना बंद, कल से नहीं दिया जाएगा पानी

Mar 16, 2026 10:34 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, रणविजय सिंह, नई दिल्ली
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गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एम्स में निष्क्रिय इच्छामृत्यु दी जा रही है। एम्स में हरीश राणा को ट्यूब के जरिए पोषण देना बंद कर दिया गया है। 

हरीश राणा की इच्छामृत्यु के लिए एम्स में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीते 13 वर्षों से मरणासन्न की स्थिति में पड़े गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा को ट्यूब के जरिये खाना (पोषण) देना बंद कर दिया गया है। मंगलवार को पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा। इस तरह वह धीरे-धीरे इस दुनिया का अलविदा होगा। जीवन के अंतिम क्षणों में हरीश को कोई शारीरिक पीड़ा न हो इसके लिए एम्स के डॉक्टर पैलिएटिव केयर दे रहे। यह देश में इच्छामृत्यु का पहला मामला होगा।

हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे हरीश

उल्लेखनीय है कि 13 वर्ष पहले चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के कारण हरीश को गंभीर चोट लग गई थी। तब से वह कोमा में है। इतने वर्षों तक माता-पिता ने उनकी देखभाल की। उसे कृत्रिम पोषण के लिए पेट में ट्यूब डली है।

सुप्रीम कोर्ट ने दी है इच्छामृत्यु को मंजूरी

इस ट्यूब के जरिये ही उसे लंबे समय तक खाना पानी दिया जाता रहा। इसके अलावा उसके गले की सांस नली में भी ट्यूब डली है। इसके अलावा कैथेटर भी लगा है। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इसके तहत उसके जीवन रक्षक सपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से हटाने की स्वीकृति दी गई है।

डॉक्टरों की बनाई गई कमेटी

इस आदेश के बाद एम्स में डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई गई। जिसमें पैलिएटिव केयर के विशेषज्ञों के अलावा कई विभागों के डॉक्टर शामिल हैं। 14 मार्च की सुबह हरीश को एंबुलेंस से एम्स लाकर आईआरसीएच (इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल) के पैलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती कराया गया।

इच्छामृत्यु के लिए पहले से प्रोटोकॉल

सोमवार को कमेटी में शामिल डॉक्टरों की बैठक हुई। जिसमें इच्छामृत्यु की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि एम्स में निष्क्रिय इच्छामृत्यु के लिए पहले से प्रोटोकॉल बना हुआ है, जो भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा स्वीकृत भी है।

मंगलवार को पानी भी नहीं दिया जाएगा

हरीश को कोई आक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया गया है। सिर्फ ट्यूब के जरिये पोषण दिया जा रहा था। इस ट्यूब से अब पोषण देना बंद कर दिया गया है। मंगलवार को पानी देना बंद करने के बाद ट्यूब को कैप लगाकर बंद दिया जाएगा। उसे निकाला नहीं जाएगा।

जीवन त्याग करने में लगेंगे कई दिन

एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि खाना पानी बंद होने के बाद व्यक्ति औसतन दस दिन जीवित रह सकता है लेकिन यह शारीरिक क्षमता पर निर्भर करता है। भोजन पानी त्याग कर कुछ लोग दो सप्ताह तक भी जीवित रह सकते हैं। हरीश की इच्छामृत्यु के बाद एम्स से सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

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