गुरुग्राम से 30 किमी दूर बड़ा हादसा; दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत, मलबे में कई फंसे
गुरुग्राम से 30 किलोमीटर दूर सिधरावली में एक बड़ा हादसा हो गया है। बेसमेंट खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने से 7 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 4 अन्य घायल हो गए हैं। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

गुरुग्राम से करीब 30 किलोमीटर दूर सिधरावली में एक निर्माणाधीन साइट पर बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 7 मजदूरों की मौत हो गई है जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को भिवाड़ी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव का काम जारी हैं। सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
बेसमेंट की खुदाई के दौरान हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम से करीब 30 किलोमीटर दूर सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल की प्लाटेड कॉलोनी में सोमवार की रात को बेसमेंट की खुदाई हो रही थी। इसी दौरान मिट्टी ढ़हने से बड़ा हादसा हो गया।
7 मजदूरों की मौत, 4 जख्मी
मलबे की चपेट में आने के कारण 7 मजदूरों की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। यही नहीं 4 से 5 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अचानक गिरा मलबा
साइट पर बेसमेंट खोदने का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया और वहां काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
बचाच के काम में लगाई गई जेसीबी मशीनें
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने 7 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। प्रशासन की टीम और दमकल कर्मियों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर फंसे मजदूरों को निकालने का काम किया।
हादसे की जांच के आदेश
सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिकों में रोष देखा जा रहा है।
मृतक और घायल यूपी और नेपाल के निवासी
इस बीच प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। एम्बुलेंस की मदद से घायल मजदूरों को राजस्थान के भिवाड़ी स्थित जिला अस्पताल ले लाया गया। जहां डॉक्टरों ने सतीश, भागीरथ, मिलन, मंगोल, शिव शंकर, परमेश्वर समेत 7 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 4 मजदूर छोटेलाल, शिवकांत, दीन दयाल, इंद्रजीत की हालत गंभीर है। इनका अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। मृतक और घायल मजदूर यूपी और नेपाल के रहने वाले हैं।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


