काम की बात: गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक नमो भारत ट्रेन-मेट्रो चलाने का प्लान तैयार, जानें रूट, कहां कितने बनेंगे स्टेशन
गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक अगले कुछ वर्षों में एक ही ट्रैक पर नमो भारत ट्रेन और मेट्रो एक साथ दौड़ती दिखाई दे सकती हैं। इसके लिए प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार हो गई है। इस पर अब हरियाणा सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

गुरुग्राम से फरीदाबाद और नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा तक नमो भारत ट्रेन और मेट्रो ट्रेन चलाने की परियोजना तैयार हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इस परियोजना की डीपीआर को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार को भेज दिया है।
डीपीआर के मुताबिक, इस परियोजना के तहत 22 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें से सात स्टेशन नमो भारत के होंगे, जबकि 15 स्टेशन मेट्रो के बनाए जाएंगे। इफ्को चौक पर गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा और सराय काले खां से बावल तक नमो भारत ट्रेन का इंटरचेंज स्टेशन होगा। परियोजना के निर्माण पर 19 हजार 390 करोड़ रुपये की लागत आएगी। करीब 63 किमी लंबी इस परियोजना में 50 किमी हरियाणा का हिस्सा होगा, जबकि 13 किमी उत्तर प्रदेश का हिस्सा होगा।
परियोजना के मुताबिक गुरुग्राम और फरीदाबाद में नमो भारत के पांच स्टेशन होंगे। गुरुग्राम में सेक्टर-61 और सेक्टर-58 चौक, ग्वाल पहाड़ी में दो स्टेशन बनेंगे, जबकि फरीदाबाद में सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और सेक्टर-87-88 चौक पर तीन स्टेशन बनेंगे। नोएडा में सेक्टर-142 और सेक्टर-168 चौक व ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर में दो स्टेशन तैयार किए जाएंगे। वहीं, नमो भारत ट्रैक पर गुरुग्राम में पांच मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे फरीदाबाद में सात मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना है।
डीपीआर पर आपत्ति और सुझाव लिए जाएंगे
एचएमआरटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि जीएमडीए, एचएसवीपी, गुरुग्राम नगर निगम के अलावा फरीदाबाद के विभागों से इस डीपीआर पर आपत्ति और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद इसको मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। ताकि, जल्द इसपर काम शुरू किया जा सके।
बावल तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन से जुड़ेगी
एनसीआरटीसी की गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत और मेट्रो परियोजना, दिल्ली के सराय काले खां से बावल तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन मार्ग से इफ्को चौक पर मिलेगी। इफ्को चौक पर इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण होगा। इससे रेवाड़ी, धारूहेड़ा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक आवागमन आसान होगा।
केएफडब्ल्यू बैंक के अफसरों ने ली मेट्रो प्रोजेक्ट की जानकारी
वहीं, जर्मनी के केएफडब्ल्यू विकास बैंक के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ऑफिस का दौरा किया। इस बैंक से जीएमआरएल ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए ऋण मांगा है। सूत्रों के मुताबिक करीब एक हजार करोड़ रुपये ऋण देने का आग्रह किया है। केएफडब्ल्यू ने परियोजना की आवश्यकताओं, वित्तपोषण व्यवस्था, खरीद प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों, कार्यान्वयन समय-सीमा तथा परियोजना की समग्र तैयारी की जानकारी हासिल की। जीएमआरएल के निदेशक रजत वर्मा, एसआर सांगवा, राजेश चतुर्वेदी ने परियोजना की योजना एवं डिजाइन, खरीद रणनीति, कार्यान्वयन कार्यक्रम, तकनीकी विनिर्देशों, वित्तीय आवश्यकताओं, संस्थागत व्यवस्थाओं व प्रस्तावित वित्तीय सहायता की जानकारी बैंक प्रतिनिधियों से साझा की। इससे पहले गुरुवार को इस प्रतिनिधिमंडल ने जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी से मुलाकात की।
इंटरचेंज की संभावनाओं का आकलन किया
प्रतिनिधिमंडल को बहु-माध्यमीय परिवहन व अंतिम छोर तक संपर्क से जुड़ी एक प्रेजेंटेशन दिया। इसमें यात्रियों के लिए निर्बाध एवं सुगम शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। मूल्यांकन मिशन के तहत इस प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना कॉरिडोर का व्यापक स्थलीय निरीक्षण भी किया। इनमें स्टेशन स्थल, इंटरचेंज स्टेशन, बस टर्मिनल, कास्टिंग यार्ड, सेक्टर-33 में प्रस्तावित डिपो के अलावा श्रमिक शिविर और बसई तालाब का दौरा शामिल था। प्रतिनिधिमंडल ने यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था, यात्री संख्या व डीएमआरसी की येलो लाइन के साथ इंटरचेंज की संभावनाओं का आकलन किया।


