
लोग चिढ़ा रहे; हरियाणा DGP को गुरुग्राम थार मालिक का नोटिस, कहा- माफी मांगें वर्ना
थार और बुलेट पर दिए बयान को लेकर हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह को गुरुग्राम के एक थार मालिक ने लीगल नोटिस भेजा है। उसने कहा है कि डीजीपी 15 दिन में अपने बयान पर माफी मांगें वर्ना…
थार पर दिए गए बयान के बाद हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह कानूनी पचडे में फंसते नजर आ रहे हैं। गुरुग्राम के एक थार मालिक ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है और कहा है कि उनके बयान के बाद से लोग मजाक बना रहे हैं। इस वजह से उन्होंने थार चलानी छोड़ दी है। डीजीपी 15 दिन में अपने बयान पर माफ़ी मांगें वर्ना वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। कानूनी नोटिस में मांग की है कि डीजीपी 15 दिनों के भीतर लिखित में बिना शर्त माफी मांगें और अपना बयान वापस लें।
खराब हुई थार मालिकों की छवि
गुरुग्राम के सेक्टर-102 निवासी सर्वो मित्र ने लीगल नोटिस में लिखा कि उन्होंने जनवरी 2023 में थार एलएक्स हार्ड टॉप खरीदी थी लेकिन डीजीपी के बयान के बाद मुझे हर जगह ताने सुनने पड़ रहे हैं। 8 नवंबर 2025 को गुरुग्राम दौरे के दौरान डीजीपी ओपी सिंह का थार गाड़ी चलाने वालों पर दिया गया बयान अपमानजनक, मजाक उड़ाने वाला और मानसिक रूप से अस्थिर बताने जैसा था।
मानसिक तनाव झेलना पड़ा
डीजीपी ओपी सिंह का यह बयान सोशल मीडिया, न्यूज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे मुझे रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों के बीच शर्मिंदगी, मजाक और मानसिक तनाव झेलना पड़ा। मेरा एक बेटा कॉलेज और दूसरा जॉब करता है। उन्हें भी लोग चिढ़ाने लगे।
यह तो सामूहिक मानहानि
डीजीपी का यह बयान थार मालिकों को मानसिक रूप से कमजोर, घमंडी और गलत व्यवहार करने वाला बताता है, जिससे उनकी छवि खराब हुई। यह सामूहिक मानहानि है, जो कानून के अनुसार अपराध है। 15 दिनों के भीतर लिखित में बिना शर्त माफी मांगें और अपना बयान वापस लें। नहीं तो हम उनके खिलाफ आपराधिक और सिविल कार्रवाई शुरू करेंगे। सर्वो मित्र ने अपने एडवोकेट वेदांत वर्मा के जरिए हरियाणा के डीजीपी को लीगल नोटिस भेजा है।
क्या था बयान?
हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने बीते दिनों गुरुग्राम में एक बयान था जो चर्चा में आ गया था। उन्होंने कहा था कि जिसके पास भी थार है, उसका दिमाग जरूर खराब है। थार मालिक स्टंट करते हैं और ये स्टंट अक्सर दूसरों के लिए खतरनाक होते हैं। आज थार सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट बन गई है। जिनके पास थार है, वे सोचते हैं कि वे सड़क पर जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस
डीजीपी के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी इस मुद्दे पर डीजीपी से सवाल करते हुए बुलेट पर बैठे अपनी एक पुरानी फोटो शेयर कर दी। इसके साथ ही चौटाला ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बुलेट वाली फोटो और राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की थार पर सवार वाली फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए के डीजीपी के बयान पर सवाल उठाया था।
रिपोर्ट- मोनी देवी





