
गुरुग्राम के नौरंगपुर रोड का होगा 30 करोड़ से निर्माण, तावडू की दूरी होगी कम
गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 को विभाजित कर रही ढाई किलोमीटर लंबी नौरंगपुर रोड का 30 करोड़ रुपये की लागत से नए सिरे से निर्माण किया जाएगा, जिससे तावडू तक की दूरी करीब 10 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों को एक बेहतर विकल्प मिलेगा।
गुरुग्राम के नौरंगपुर रोड (सेक्टर-78 और 80 की विभाजन रोड) का निर्माण नए सिरे से होने के बाद तावडू आना-जाना और आसान हो जाएगा। एक बेहतर विकल्प मिल जाएगा। मौजूदा समय में यह सड़क बदहाल है। इस वजह से लोग इस रोड की बजाय बिलासपुर-तावडू रोड से आवागमन अधिक करते हैं। इस विकल्प के बनने के बाद तावडू की दूरी करीब 10 किलोमीटर कम हो जाएगी।
जीएमडीए ने सेक्टर-78 और 80 को विभाजित कर रही करीब ढाई किमी लंबी सड़क के निर्माण की योजना बनाई है। पूर्व योजना के मुताबिक इसकी डीपीआर 41 करोड़ रुपये की बनाई गई थी। मौजूदा समय में इस क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने के चलते फिलहाल मुख्य सड़क, फुटपाथ और बरसाती नाले के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इंजीनियरिंग शाखा ने इसका एस्टीमेट तैयार करके पिछले सप्ताह जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मौजूदा समय में सड़क बदहाल
मौजूदा समय में यह सड़क बदहाल अवस्था में है। इसके ऊपर सेक्टर-78, 79 और 80 में विकसित करीब 10 रिहायशी सोसाइटियों का यातायात आता है। इसके अलावा नौरंगपुर, मानेसर पुलिस लाइन, तावडू से वाहन चालक इस सड़क से होते हुए गुरुग्राम शहर की तरफ जाते हैं। सुबह और शाम के समय इस रोड पर डंपरों की लंबी लाइन लग जाती है।
कार्यभार संभालने का इंतजार
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा का तबादला पिछले सप्ताह हरियाणा सरकार ने कर दिया था। उनकी जगह पर आईएएस अधिकारी जे.गणेशन को लगाया है। इन्होंने अभी तक चार्ज नहीं संभाला है।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता अरुण धनखड़ ने बताया कि इस मुख्य सड़क के निर्माण का एस्टीमेट बना दिया है। करीब 30 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।





