गुरुग्राम में SPR पर 30 माह में बनेगा 4.2 KM लंबा एलिवेटेड रोड, 15 मिनट में पूरा होगा पौने घंटे का सफर
द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए गुरुग्राम में एसपीआर पर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए टेंडर करने प्रक्रिया शुरू हो गई है। जीएमडीए ने 754 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। इसके आवंटन के 30 महीने के अंदर यह एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो जाएगा।

द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए गुरुग्राम में एसपीआर (सदर्न पेरिफेरल रोड) पर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए टेंडर करने प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने 754 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। इसके आवंटन के 30 महीने के अंदर यह एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो जाएगा।
इस एलिवेटेड रोड की लंबाई करीब 4.2 किलोमीटर होगी। दोनों तरफ चार-चार लेन का रोड तैयार किया जाएगा। 22 अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। इस एलिवेटेड रोड के बनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे आवागमन आसान हो जाएगा। मौजूदा समय में वाहन चालक को द्वारका एक्सप्रेसवे से एसपीआर के माध्यम से गुरुग्राम-सोहना हाईवे की सर्विस रोड से होते हुए भोंडसी के पास गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर चढ़ना होता है।
एसपीआर और गुरुग्राम-सोहना हाईवे की सर्विस रोड पर ट्रैफिक जाम से बाहर निकलने में 40 से 45 मिनट का समय लग जाता है। इस एलिवेटेड रोड के बनने के बाद 10 से 15 मिनट के अंदर द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहन चलक पहुंच जाएंगे।
डीपीआर तैयार हो चुकी
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए गोल्फ कोर्स रोड पर भी एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 1850 करोड़ रुपये की लागत आएगी। करीब आठ किलोमीटर लंबे इस रोड के निर्माण की डीपीआर को तैयार किया जा चुका है। एसपीआर और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए क्लोवरलीफ का निर्माण होगा। क्लोवरलीफ बनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड, गुरुग्राम-सोहना हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे।
सेक्टर-एक से 23 तक सड़कें गड्ढामुक्त होंगी
जीएमडीए ने सेक्टर-एक से लेकर सेक्टर-23 तक की मुख्य सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत करीब छह करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किया है। टेंडर आवंटन के बाद किसी भी सड़क पर यदि दो साल के अंदर गड्ढा होता है तो ठेकेदार की तरफ से उसे दुरुस्त किया जाएगा। ऐसा होने के बाद वाहन चालकों को राहत मिलेगी।


