
गुरुग्राम पुलिस हर कंपनी और फैक्ट्री स्टाफ का बनाएगी डेटाबेस, प्रवासियों का भी रखेगी रिकॉर्ड
दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए कार ब्लास्ट के बाद गुरुग्राम पुलिस शहर की सुरक्षा और चौकस करने के लिए नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत प्रत्येक कंपनी और फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी का डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए कार ब्लास्ट के बाद गुरुग्राम पुलिस शहर की सुरक्षा और चौकस करने के लिए नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत प्रत्येक कंपनी और फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। गुरुग्राम में दूसरे जिलों, राज्यों और विदेशों से आकर रहने वाले लोगों का भी डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
डेटा कलेक्शन के लिए पुलिस ने काम शुरू कर दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में मौजूद प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का व्यवस्थित सत्यापन करना और खुफिया जानकारी एकत्र करने की क्षमता को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत करना है। दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके गुरुग्राम में देश और विदेशों के हजारों लोग रहते हैं। यहां मल्टी नेशनल कंपनियों, ई-कॉमर्स कंपनियों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अलावा कई दूसरे धंधों में लाखों लोग काम कर रहे हैं।
ऐसे में यहां जोखिम सबसे अधिक है। इस जोखिम को खत्म करने के लिए ही पुलिस ने एक विस्तृत डेटा बेस तैयार करने की योजना बनाई है।
कंपनियों और एजेंसियों से मांगा वर्कर्स का पूरा विवरण
डीसीपी हेडक्वार्टर अर्पित जैन ने बताया कि पुलिस ने गुरुग्राम की ई-कॉमर्स, परिवहन और सर्विस प्रोवाइडर क्षेत्रों की सभी प्रमुख कंपनियों और एजेंसियों से औपचारिक संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने सभी कर्मचारियों की पहचान, स्थायी पता और पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। इससे गुरुग्राम में रह रहे संदिग्धों को पहचानने में सहायता मिलेगी। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और मार्केट एसोसिएशन को भी अपने क्षेत्रों में किरायेदारों के वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू करेगी पुलिस
शहर के उन संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में अप्रवासी और असत्यापित लोग निवास करते हैं। इन चिन्हित क्षेत्रों में पुलिस जल्द ही बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू करेगी। इन ऑपरेशन के दौरान हर मकान और हर नागरिक का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बिना सत्यापन के पाए गए व्यक्ति पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरे राज्यों और शहरों से आकर यहां काम करने वाले सभी लोगों का अनिवार्य और व्यवस्थित सत्यापन किया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क पर 24 घंटे निगरानी
डीसीपी ने बताया कि पुलिस अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए दोहरी रणनीति पर काम कर रही है। शहर में लगे अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क पर 24 घंटे निगरानी बढ़ाई गई है। इसके लिए विशेष तकनीकी सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है जो भीड़भाड़, संदिग्ध वस्तुओं या असामान्य पैटर्न की पहचान करने में मदद करता है। मानवीय खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष टीमों को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया गया है। इन टीमों को स्थानीय मुखबिरों और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से सूचनाएं एकत्रित करने का काम सौंपा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद इन सभी खुफिया जानकारियों की पुख्ता तरीके से जांच और क्रॉस वेरिफिकेशन कर रहे हैं। इस पूरी योजना का मकसद है कि कोई भी देश और समाज विरोधी गुरुग्राम में किसी भी आपराधिक वारदात को अंजाम न दे सके और अमन चैन बना रहे।
रिपोर्ट: मोनी देवी





