बॉलीवुड में भी शिकार, कैश की भरमार; यह ठग तो फिल्म तक बना चुका, गुरुग्राम पुलिस ने पकड़ा
गुरुग्राम पुलिस ने ठगी के एक पड़े गिराह का पर्दाफाश किया है, जिसके शिकार बॉलीवुड तक में हैं। मुख्य आरोपी फिल्म तक बना चुकी है और पत्नी चुनाव लड़ने की तैयारी में थी।

गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा (सेक्टर-43) ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो 'सस्ते सोने' का जाल बिछाकर रईसों और मशहूर हस्तियों की जेब साफ करता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 2 करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना प्रभुभाई सोलंकी (निवासी वडोदरा) बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य अनपढ़ मजदूर का भेष बनाकर घूमते थे। वे लोगों को झांसा देते थे कि उन्हें खुदाई के दौरान सोने के सिक्के मिले हैं। विश्वास जीतने के लिए वे पहले 5-6 असली सिक्के देते थे। जब पीड़ित ज्वेलर्स से उन सिक्कों की जांच करवाता और वे असली निकलते, तो भारी मुनाफे के लालच में वह करोड़ों का सौदा कर बैठता था। अंत में आरोपी असली सिक्कों की जगह सोने का पानी चढ़ा हुआ तांबा (पीतल) थमाकर फरार हो जाते थे।
आदित्य पंचोली और सलीम खान के PA भी बने शिकार
पकड़ा गया मुख्य आरोपी प्रभुभाई पिछले 25 वर्षों से ठगी की दुनिया में सक्रिय है। उसने खुलासा किया कि वह बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से 25 लाख और सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान के पीए से 20 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। ठगी के पैसों से उसने न केवल दिल्ली-मुंबई रोड पर 'होटल PM' खरीदा, बल्कि 'लव यू' नाम की एक गुजराती फिल्म भी बनाई। इतना ही नहीं, वह अपनी पत्नी पार्वती सोलंकी को पार्षद का चुनाव लड़वाकर राजनीति में भी पैर जमाने की कोशिश कर रहा था।
सुशांत लोक की वारदात से खुला राज
इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब सुशांत लोक निवासी एक व्यक्ति ने 1 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने उससे 2.49 करोड़ रुपये नकद और 50 तोला सोना ठग लिया था। पुलिस उपायुक्त हितेश यादव के नेतृत्व में निरीक्षक कि नरेंद्र शर्मा की टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को गुरुग्राम और गुजरात से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
1. सोलंकी प्रभुभाई उर्फ रवि (वडोदरा): सरगना, जिस पर गुजरात और महाराष्ट्र में 9 मामले दर्ज हैं।
2. पंकज शर्मा (दिल्ली): गिरोह का स्थानीय साथी।
3. मनीष कमलेश शाह (वडोदरा): गुजरात से गिरफ्तार सहयोगी।
4. ईश्वर मारवाड़ी (वडोदरा): ठगी के नेटवर्क का हिस्सा।
रिपोर्ट- गौरव चौधरी
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