गुरुग्राम में एक प्रॉपर्टी 25 से ज्यादा को बेच 500 करोड़ की धोखाधड़ी, दबोचा गया
गुरुग्राम पुलिस ने 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही बिल्डिंग के फ्लोर को 25 से अधिक लोगों को बेचकर ठगी की। आरोपी ने पैसे लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की और चालाकी से प्रॉपर्टी को अपनी दूसरी कंपनी के नाम लीज पर ले लिया।

गुरुग्राम पुलिस ने करीब 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही बिल्डिंग का फ्लोर कथित तौर पर 25 से ज्यादा लोगों को बेचकर ठगी की। शिकायत के अनुसार, उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये में एक यूनिट खरीदी थी लेकिन आरोपी ने उसकी रजिस्ट्री करने के बजाय उसे कई अन्य लोगों के नाम कर दिया। यही नहीं आरोपी ने प्रॉपर्टी बेचकर उसे अपनी दूसरी कंपनी के नाम लीज पर भी ले लिया था।
आरोपी को 6 दिन की पुलिस रिमांड
पुलिस ने बताया कि आरोपी ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 32वें माइलस्टोन का डायरेक्टर है। आरोपी को शहर की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई लोगों से लगभग 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
जनवरी में दर्ज कराई गई थी शिकायत
पुलिस ने बताया कि जनवरी में ट्राम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधि ने अप्रा मोटल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अप्रा मोटल्स को 32 माइलस्टोन विस्टा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता है। 2021 में आरोपी फर्म के डायरेक्टरों और शेयरधारकों ने शिकायतकर्ता कंपनी से संपर्क किया और अपने 32 माइलस्टोन कॉम्प्लेक्स के पहले फ्लोर पर यूनिट नंबर 24 (3000 वर्ग फुट) को बेचने की पेशकश की।
पेमेंट के बाद भी कन्वेंस डीड नहीं दी
आरोपी ने बताया कि कथित तौर पर यह डील 2.5 करोड़ रुपये में हुई थी। यह रकम 21 सितंबर 2021 को दी गई। इसके बाद 32 विस्टा प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायतकर्ता कंपनी के साथ प्रॉपर्टी बेचने का एग्रीमेंट किया। हालांकि पेमेंट के बाद भी कन्वेंस डीड नहीं दी गई। शिकायतकर्ता को बार-बार चक्कर लगवाए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से 11 अक्टूबर, 2023 को नोटिस जारी कराया गया लेकिन आरोपी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया।
25 अन्य के नाम भी कन्वेंस डीड
जांच में कंपनी को पता चला कि साल 2022 और 2023 के बीच उस फ्लोर की कन्वेंस डीड कथित तौर पर 25 अन्य लोगों के नाम पर बनाई गई थी। मामला पुलिस के पास पहुंचा। शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। जांच के बाद शुक्रवार को आरोपी ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी शर्मा ने बताया कि उसने अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर साल 2021 में शिकायत करने वाली कंपनी के साथ 32 माइलस्टोन बिल्डिंग के पहले फ्लोर के लिए 2.5 करोड़ रुपये की डील की थी। फ्लोर को 25 दूसरे लोगों को भी बेचा गया था। फिर सभी 25 लोगों से इस फ्लोर को 30 साल के लिए अपनी दूसरी फर्म के नाम पर लीज पर लेकर उक्त अपराध किया गया।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


