
गुरुग्राम में 350 से ज्यादा सफाईकर्मी लापता? सैलरी तो ले रहे पर काम कहां कर रहे पता नहीं
गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के स्वच्छता शाखा में सफाई कर्मचारियों को लेकर बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। पार्षदों का आरोप लगाया है कि 361 कर्मचारियों का वेतन तो जारी हो रहा है, लेकिन वे शहर की सफाई में तैनात नहीं हैं, इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए।
गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के स्वच्छता शाखा में सफाई कर्मचारियों को लेकर बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। पार्षदों का आरोप लगाया है कि 361 कर्मचारियों का वेतन तो जारी हो रहा है, लेकिन वे शहर की सफाई में तैनात नहीं हैं, इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए।
निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों की पोर्टल पर जांची गई हाजिरी में यह खुलासा हुआ है कि निगम द्वारा कुल 4904 सफाई कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है, लेकिन वार्ड अनुसार जब इन कर्मचारियों की संख्या की जांच गई तो इसमें 361 सफाई कर्मचारी गायब मिले। 361 सफाई कर्मचारियों की तैनाती का कोई रिकॉर्ड निगम मौजूद नहीं है। सफाई कर्मचारियों को लेकर की जा रही गड़बड़ी को लेकर बीते दिनों उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी निगम अधिकारियों से इनकी सूची मांगी थी।
निगम द्वारा सौंपी गई सफाई कर्मचारियों की सूची में भी 4904 सफाई कर्मचारियों का उल्लेख किया था, वहीं वार्ड-स्तर पर तैनाती का रिकॉर्ड केवल 4,543 दिखाता है। इस सूची में भी 361 कर्मचारियों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार 361 में से 120 सफाई कर्मचारियों को जिला के प्रशानिक अधिकारियों, निगम अधिकारियों ने अपने घरों को चमकाने में लगाया हुआ है। इसके अलावा 50 से अधिक ऐसे भी कर्मचारी है जो जिले से बाहर है। इनका निगम के पास रिकॉर्ड तो है, लेकिन उन्हें कहीं दिखाया नहीं गया है। हर माह इनको सिर्फ वेतन निगम की तरफ से दिया जा रहा है। नगर निगम द्वारा सड़क की सफाई पर हर महीने साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, इसके बावजूद शहर में हर तरफ धूल उड़ रही है। शहर की आरडब्ल्यूए और पार्षदों का यह भी आरोप है कि निगम ने वार्ड अनुसार जो सफाई कर्मचारियों की सूची तैयार की है यह इस सूची के हिसाब से भी यह कर्मचारी सेक्टरों और वार्ड में नहीं पहुंच रहे हैं।
सफाई कर्मचारी नहीं आने के कारण सेक्टर-57 की आरडब्ल्यूए ने एजेंसी के खिलाफ जांच के लिए विजिलेंस को शिकायत दी गई है। इस बड़े खुलासे के बाद पार्षदों का गुस्सा भड़क उठा है। वार्ड 11 के पार्षद कुलदीप यादव ने निगम के डेटा को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनके वार्ड में 100 कर्मचारी भी तैनात नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि जांच की जाए, तो लापता कर्मचारियों की संख्या 700 तक पहुंच सकती है।

जवाबदेही और सुधार के प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में
सदन की बैठक में निगम पार्षदों ने मांग की थी कि सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति (हाजिरी) को वार्ड कमेटी बनाकर पार्षदों के पर्यवेक्षण और हस्ताक्षर के तहत दर्ज किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कर्मचारी काम पर आ रहे हैं। इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। निगम आयुक्त ने कर्मचारी यूनियनों की संभावित आपत्तियों का हवाला देकर इस प्रस्ताव को टाल दिया था और सिर्फ दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड पार्षदों के साथ साझा करने का सुझाव दिया था। पार्षद कुलदीप यादव ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों की भी जांच की मांग की है, जो कथित तौर पर बिना निगरानी के केवल 1 से 2 घंटे ही काम करते हैं।
प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त गुरुग्राम, ''नगर निगम के 361 सफाई कर्मचारी कहां है, इसकी जांच की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।''





