गुरुग्राम में 50 से अधिक सेक्टरों में 24 मीटर सड़कों का होगा निर्माण, क्या प्लान?
गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बेहतर यातायात के लिए सरकार 1158 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की तैयारी कर रही है। इससे 24 मीटर चौड़ी सड़कें बनेंगी जिससे संकरे रास्तों से जूझ रहे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।

गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की बड़ी योजना तैयार की है। इस परियोजना के लिए कुल 1836 एकड़ जमीन की जरूरत है जिसमें से करीब 1158 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में बजट में इसकी घोषणा की थी जिसका खर्च बिल्डरों से वसूला जाएगा। मौजूदा वक्त में संकरे रास्तों के कारण करीब 300 सोसाइटियों में रहने वाले एक लाख से अधिक परिवारों को आवाजाही की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
1158 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में सेक्टर-58 से 115 तक यानी 57 सेक्टरों में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण के लिए 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जल्द जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर निदेशक कार्यालय को भेजा जाएगा।
1836 एकड़ जमीन की जरूरत
शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी प्रवीण कुमार को सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन की जानकारी तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। डीटीपी ने ढेसी को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि 1836 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें से 574 एकड़ जमीन बिल्डरों से मिल जाएगी। यह जमीन रिहायशी और व्यावसायिक कॉलोनी का लाइसेंस जारी करने में शामिल है।
टीडीआर पॉलिसी के तहत मिलेगी जमीन
104 एकड़ जमीन टीडीआर (ट्रांसफरेबल डिवेलपमेंट राइट्स) पॉलिसी के तहत मिल जाएगी। बची 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इसमें से अधिकांश जमीन निजी लोगों के नाम पर है। बता दें कि गत दो मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में शामिल 24 मीटर सड़कों के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण की राशि को बिल्डरों से वसूल किया जाएगा।
संकरा रास्ता होने से परेशानी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में 24 मीटर सड़कों का निर्माण तो प्रस्तावित कर दिया, लेकिन इन सड़कों के निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया। राजस्व रास्ते पर करीब 650 रिहायशी और व्यवसायिक सोसाइटियां विकसित करने को लेकर लाइसेंस जारी कर दिए। करीब 300 रिहायशी सोसाइटियों में एक लाख से अधिक परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। संकरा रास्ता होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


